नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों ने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चारों केंद्रीय पदों पर NSUI की हार के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन शुरू होने की खबर है।
समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने NSUI के चुनावी प्रदर्शन पर असंतोष जताया है। सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व ने चुनाव अभियान, उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रबंधन की समीक्षा शुरू कर दी है।
चार केंद्रीय पदों में NSUI का खाता नहीं खुला
DUSU चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर ABVP ने जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के नाम रहा। इस तरह NSUI चारों केंद्रीय पदों में से एक भी सीट अपने नाम नहीं कर सकी।
अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया। यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट प्राप्त हुए।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की बड़ी जीत
सबसे दिलचस्प मुकाबला उपाध्यक्ष पद पर देखने को मिला। NSUI से अलग होकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की।
शौकीन को 30,615 वोट मिले। ABVP के ईशु मौर्य को 16,910 वोट और NSUI के वीर छत्राथ को महज 4,313 वोट मिले।
दीपांशु शौकीन की जीत को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने NSUI से अलग होकर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
सचिव पद पर रिया छावड़ी की जीत
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी विजयी रहीं। उन्हें 21,650 वोट मिले, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट प्राप्त हुए।
वहीं, संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की। उन्हें 16,615 वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 और NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट प्राप्त हुए।
उम्मीदवार चयन और अंदरूनी मतभेद पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व ने NSUI की चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन के भीतर कथित मतभेद और बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी को भी समीक्षा के दायरे में रखा गया है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है। आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर कुछ फैसले लिए जा सकते हैं।
हालांकि, इन संभावित कदमों को लेकर कांग्रेस या NSUI की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। 
छात्र मुद्दे रहे चुनाव के केंद्र में
DUSU चुनाव प्रचार के दौरान छात्र सुरक्षा, हॉस्टल और आवास, कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर, शैक्षणिक सुविधाओं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद छात्र आवास और सुरक्षा का मुद्दा भी चुनावी चर्चा में रहा। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र शामिल थे।
20 राउंड की मतगणना के बाद आया परिणाम
DUSU चुनाव में चार केंद्रीय पदों के लिए विभिन्न छात्र संगठनों के कुल 20 उम्मीदवार मैदान में थे। 20 राउंड की मतगणना के बाद तस्वीर साफ हुई।
नतीजों के मुताबिक, ABVP ने तीन केंद्रीय पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया। NSUI के लिए यह चुनाव परिणाम संगठन के प्रदर्शन और आगामी रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा का विषय बन गया है।
