Monday, November 2, 2026
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रामलीला मैदान में तेजस्वी यादव का जोरदार हमला! ज्ञानेश कुमार को बताया ‘मोदी की कठपुतली’, देशद्रोह का केस चलाने की उठाई मांग

‘जब शकुनि चाल चल रहा है तो कुरुक्षेत्र में उतरना होगा’, INDIA गठबंधन की महारैली में तेजस्वी के तीखे तेवर, चुनाव आयोग से लेकर मोदी सरकार तक पर साधा निशाना
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाषण से सियासी माहौल गरमा दिया। मंच से तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ऐसा हमला बोला कि उनका बयान चर्चा का विषय बन गया।
तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार की ‘कठपुतली’ करार देते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और जेल भेजने की मांग कर दी। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, सॉफ्टवेयर और मतदाता सूची को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए।

‘रामलीला मैदान में आज वोट चोरों के खिलाफ महाभारत हो रहा है’
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में रामायण और महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि रामलीला मैदान में आज वोट चोरों के खिलाफ महाभारत हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब शकुनि अपनी चाल चल रहा है, तो उसका मुकाबला करने के लिए कुरुक्षेत्र में उतरना पड़ेगा।

उनके इस बयान के बाद रैली में मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक जोश देखने को मिला। तेजस्वी ने लोगों से लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की अपील की।

ज्ञानेश कुमार को बताया मोदी की कठपुतली, जेल भेजने की मांग
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र होकर काम नहीं कर रही हैं। लोकतंत्र को कमजोर करने में ऐसी संस्थाओं की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर पर भी उठाए सवाल, TCS का किया जिक्र
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए TCS को टेंडर दिया गया था, लेकिन इससे जुड़े दस्तावेज कहां हैं? उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की।

तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज आरएसएस के लोग तय कर रहे हैं कि देश में कौन वोट देगा और किसे वोट देने का अधिकार मिलेगा।

‘यह लड़ाई वोटरों और चीटरों के बीच है’
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने इस राजनीतिक लड़ाई को वोटरों और चीटरों के बीच का मुकाबला बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि अब उन्हें देश और ज्ञानेश कुमार में से किसी एक को चुनना होगा।

तेजस्वी ने कहा कि वह बिहार की धरती से आते हैं और बिहार के लोग ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता से भी आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने की अपील की।

अखिलेश यादव ने भी उठाया वोट कटने का मुद्दा
रैली में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम कटने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 1.27 लाख हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 31 हजार वोट कम हुए हैं। उन्होंने अंगद के पैर का जिक्र करते हुए सरकार पर तंज भी कसा।

दिल्ली से बिहार तक सियासी संदेश देने की कोशिश!
रामलीला मैदान की इस महारैली में तेजस्वी यादव के तीखे भाषण ने बिहार की राजनीति को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। चुनाव आयोग, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव के इन बयानों पर बीजेपी और चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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