Nagpur MLC Election Result 2026: महाराष्ट्र की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृहक्षेत्र नागपुर में बीजेपी को करारा झटका लगा है। विधान परिषद की नागपुर संभाग स्नातक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। करीब 41 घंटे तक चली मतगणना के बाद गुरुवार, 29 अक्टूबर को अंतिम परिणाम घोषित किया गया।
41 घंटे की मतगणना के बाद कांग्रेस ने मारी बाजी
नागपुर के मानकापुर स्थित डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई थी। लंबी और कांटे की टक्कर के बाद अभिजीत वंजारी ने जीत हासिल की। चुनाव परिणाम के अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि बीजेपी के सुधाकर कोहले को 63,960 वोट हासिल हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
पहली पसंद के वोटों से नहीं हुआ फैसला
इस चुनाव में कुल 1,65,906 मतों की गिनती हुई। इनमें 15,032 वोट अवैध पाए गए, जबकि 1,50,874 मत वैध घोषित किए गए। पहली पसंद के वोटों की गणना के बाद कोई भी उम्मीदवार निर्धारित जीत के कोटे तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद दूसरी पसंद के वोटों की गिनती की गई। वरीयता आधारित मतगणना की लंबी प्रक्रिया के बाद अभिजीत वंजारी को विजेता घोषित किया गया।
जीत के बाद बीजेपी पर साधा निशाना
जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगा दी थी और पार्टी के कई बड़े नेता सक्रिय थे। इसके बावजूद मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा जताया। उन्होंने महाविकास अघाड़ी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की एकजुटता को भी जीत की अहम वजह बताया।
48 संगठनों के समर्थन को दिया श्रेय
अभिजीत वंजारी ने अपनी जीत का श्रेय 48 सामाजिक और अन्य संगठनों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान इन संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका समर्थन किया। वंजारी के मुताबिक, यह जीत सामूहिक मेहनत और समर्थन का परिणाम है।
फडणवीस-गडकरी के गढ़ में हार से BJP को सियासी झटका
नागपुर को महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी का मजबूत क्षेत्र माना जाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का इस क्षेत्र से खास जुड़ाव है। ऐसे में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर कांग्रेस की जीत को बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस की इस जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जबकि नागपुर के इस नतीजे ने महाराष्ट्र की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर से मतगणना शुरू हुई, जिसका अंतिम परिणाम 29 अक्टूबर को घोषित किया गया।
अब सवाल यह है कि नागपुर में कांग्रेस की इस जीत का महाराष्ट्र की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा और क्या बीजेपी इस नतीजे से कोई सबक लेगी?
