Cyber Fraud: सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती ने पहुंचाया लाखों के नुकसान तक, ऑनलाइन बिजनेस में मोटे मुनाफे का लालच देकर युवक से करीब 70 लाख रुपये ऐंठने का आरोप
पटना: डिजिटल युग में सोशल मीडिया लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का आसान माध्यम बन गया है, लेकिन यही प्लेटफॉर्म साइबर अपराधियों के लिए ठगी का हथियार भी बनता जा रहा है। पटना में साइबर फ्रॉड का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और ऑनलाइन निवेश को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना में रहने वाले गया जिले के एक युवक से फेसबुक के जरिए संपर्क में आई एक युवती ने कथित तौर पर ऑनलाइन बिजनेस में निवेश के नाम पर करीब 70 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित निजी कंपनी में काम करता है और लंबे समय से पटना में रह रहा है। आरोप है कि साइबर ठगी के इस पूरे खेल में पहले दोस्ती हुई, फिर भरोसा बढ़ाया गया और इसके बाद ऑनलाइन कमाई का लालच देकर रकम निवेश कराई गई।
2006 से पटना में रह रहा है पीड़ित युवक
जानकारी के मुताबिक पीड़ित युवक मूल रूप से गया जिले का रहने वाला है। वह वर्ष 2006 से पटना में रहकर एक निजी कंपनी में काम कर रहा है। फेसबुक इस्तेमाल करने के दौरान एक युवती ने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी।
युवक ने सामान्य फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट समझकर उसे स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई और युवती ने कथित तौर पर युवक के साथ भावनात्मक नजदीकी भी बढ़ानी शुरू कर दी।
फेसबुक से WhatsApp और वीडियो कॉल तक पहुंची बातचीत
फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत के बाद दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर लिए। इसके बाद WhatsApp पर चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए बातचीत होने लगी।
आरोप है कि लगातार बातचीत के जरिए युवती ने युवक का भरोसा जीत लिया। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसे एक ऑनलाइन बिजनेस मॉडल में निवेश करने के लिए तैयार किया गया।
‘ई-रोजर शॉप’ के नाम पर ऑनलाइन बिजनेस का झांसा
बातचीत के दौरान युवती ने युवक को ‘ई-रोजर शॉप’ नामक ऑनलाइन बिजनेस मॉडल के बारे में जानकारी दी। कथित तौर पर उसे बताया गया कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।
युवक को अधिक कमाई का भरोसा दिया गया। शुरुआत में उसने छोटी रकम से निवेश करना शुरू किया। कथित तौर पर उसे लगातार यह दिखाया जाता रहा कि उसके खाते में निवेश की रकम के साथ मुनाफा भी बढ़ रहा है।
मुनाफा बढ़ता हुआ देखकर युवक का भरोसा और मजबूत होता गया और उसने धीरे-धीरे ज्यादा रकम निवेश करनी शुरू कर दी।
देखते ही देखते 70 लाख रुपये तक पहुंचा निवेश
ऑनलाइन बिजनेस में मोटे मुनाफे की उम्मीद में युवक ने लगातार रकम लगाई। आरोप के मुताबिक निवेश की कुल राशि करीब 70 लाख रुपये तक पहुंच गई।
लेकिन जब युवक ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ा। पैसे निकालने में असफल रहने के बाद उसे पूरे मामले पर शक हुआ।
इसके बाद युवक को एहसास हुआ कि वह संभवतः एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है।
साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत
मामले का पता चलने के बाद पीड़ित युवक ने साइबर थाने में लिखित शिकायत दी। उसने पुलिस को युवती से बातचीत के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध जानकारी भी सौंपी है।
अब पटना पुलिस का साइबर सेल मामले की जांच में जुटा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर ठगी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और रकम किन बैंक खातों या डिजिटल माध्यमों के जरिए ट्रांसफर की गई।
जांच के दौरान सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, चैट और पैसों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
पटना में इससे पहले भी सामने आया था 2.94 लाख की ठगी का मामला
सोशल मीडिया और ऑनलाइन कमाई के नाम पर ठगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पटना के गोला रोड इलाके में भी एक युवक साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है।
जानकारी के अनुसार युवक की एक डेटिंग ऐप के जरिए रिचा शर्मा नाम की युवती से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच कुछ दिनों तक बातचीत और चैटिंग होती रही।
इसी दौरान युवती ने कथित तौर पर युवक को एक रेटिंग ऐप के बारे में बताया। उसे बताया गया कि अलग-अलग प्रोडक्ट की ऑनलाइन रेटिंग करने के बदले घर बैठे अच्छी कमाई की जा सकती है।
युवक कथित तौर पर इस झांसे में आ गया और रेटिंग टास्क के नाम पर करीब 2.94 लाख रुपये जमा कर दिए।
रकम जमा करने के बाद भी जब उससे लगातार और पैसे मांगे जाने लगे, तब उसे शक हुआ कि उसके साथ ठगी हो रही है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।
सोशल मीडिया की दोस्ती को निवेश का रास्ता न बनने दें
इन दोनों मामलों से एक बात साफ है कि साइबर अपराधी पहले लोगों से संपर्क बनाते हैं, फिर धीरे-धीरे भरोसा कायम करते हैं और इसके बाद कम समय में ज्यादा कमाई का लालच देकर पैसे निवेश कराने की कोशिश करते हैं।
कई मामलों में शुरुआत छोटी रकम से होती है। जब स्क्रीन पर मुनाफा दिखाई देता है तो पीड़ित का भरोसा बढ़ जाता है और वह बड़ी रकम निवेश कर देता है। असली परेशानी तब सामने आती है जब पैसे निकालने की कोशिश की जाती है।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप पर मिले अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। ऑनलाइन बिजनेस में पैसा लगाने से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की स्वतंत्र रूप से जांच करें।
किसी के दिखाए गए स्क्रीनशॉट या ऐप में दिखाई दे रहे मुनाफे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक डिटेल और अन्य संवेदनशील जानकारी किसी से साझा न करें।
पैसे निकालने के लिए अगर कोई अतिरिक्त शुल्क, टैक्स या सिक्योरिटी मनी मांगी जाए तो सावधान हो जाएं।
किसी अनजान लिंक या ऐप के जरिए भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें।
ठगी की आशंका होने पर देरी किए बिना बैंक/भुगतान सेवा प्रदाता और संबंधित साइबर अपराध प्राधिकरण को सूचना दें।
सबसे जरूरी बात
फेसबुक, Instagram, WhatsApp या डेटिंग ऐप पर किसी से दोस्ती होना इस बात की गारंटी नहीं है कि सामने वाला व्यक्ति भरोसेमंद है। खासकर जब बातचीत निवेश, ऑनलाइन कमाई या जल्दी मुनाफे की तरफ बढ़ने लगे, तो अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी है।
पटना में सामने आया करीब 70 लाख रुपये की ठगी का यह मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित साइबर फ्रॉड में कौन-कौन लोग शामिल थे और रकम का पूरा नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था।
