दरभंगा। मिथिलांचल और उत्तर बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरभंगा एयरपोर्ट पर निर्माणाधीन नए टर्मिनल भवन का काम अब तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। करीब 643 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस अत्याधुनिक टर्मिनल के शुरू होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता और सुविधाओं में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।
62,800 वर्ग मीटर में तैयार हो रहा नया टर्मिनल
नया टर्मिनल भवन करीब 62,800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाया जा रहा है। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता करीब 30 लाख यात्रियों की होगी। टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा के लिए 5 एयरोब्रिज और 40 चेक-इन काउंटर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस यह टर्मिनल दरभंगा एयरपोर्ट को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संजय कुमार झा ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण
सोमवार को जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचकर निर्माणाधीन टर्मिनल का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और बचे हुए कार्यों को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने टर्मिनल भवन की आंतरिक और बाहरी सजावट में मिथिला की कला, संस्कृति और परंपरा की आकर्षक झलक शामिल करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि दरभंगा एयरपोर्ट मिथिला की पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए नए टर्मिनल की खूबसूरती में स्थानीय संस्कृति की छाप भी दिखाई देनी चाहिए।
2024 में हुआ था नए सिविल एन्क्लेव का शिलान्यास
संजय कुमार झा के अनुसार, दरभंगा एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव का शिलान्यास 20 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया था। इसके बाद से निर्माण कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है और अब परियोजना पूर्णता की ओर है।
दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान सेवा की शुरुआत 8 नवंबर 2020 को हुई थी। इसके बाद उड़ान योजना के तहत दरभंगा एयरपोर्ट ने तेजी से अपनी पहचान बनाई और यहां से यात्रियों की आवाजाही लगातार बढ़ती गई।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की दिशा में भी प्रयास
दरभंगा एयरपोर्ट को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। संजय कुमार झा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इच्छा दरभंगा एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की रही है।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में 20 मई 2026 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी।
पर्यटन, रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
नए टर्मिनल के शुरू होने के बाद दरभंगा एयरपोर्ट की क्षमता में बड़ा विस्तार होने की उम्मीद है। इससे मिथिलांचल के साथ-साथ पूरे उत्तर बिहार के लोगों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिल सकती है।
दरभंगा से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत होने पर पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। इससे देश-विदेश में रहने वाले मिथिलावासियों के लिए दरभंगा की कनेक्टिविटी और आसान हो सकती है।
नए टर्मिनल के साथ दरभंगा एयरपोर्ट अब सिर्फ हवाई यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि मिथिला के विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों का नया द्वार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
