Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। जलबोझी कर गरीब स्थान मंदिर में जल चढ़ाने जा रहे कांवरिया जत्थे के साथ चल रहे 20 वर्षीय युवक गोलू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना गोसाईं टोला स्थित ब्रह्मपुरा सरकारी स्कूल के समीप हुई।
बताया जा रहा है कि गोलू कुमार अपने गांव के अन्य युवकों के साथ देवरिया थाना क्षेत्र के धरफरी गांव स्थित गंडक नदी से जलबोझी कर गरीब स्थान में जलाभिषेक के लिए जा रहा था। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार होकर आए दो नकाबपोश बदमाशों ने उसे निशाना बनाया और कथित तौर पर पीछे से गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर देवरिया की तरफ फरार हो गए।
गोली लगते ही गोलू सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद कांवरियों में चीख-पुकार मच गई। साथी कांवरियों ने आनन-फानन में उसे उठाया और इलाज के लिए सरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
कौन था मृतक गोलू कुमार?
मृतक की पहचान पारू थाना क्षेत्र के गोसाईं टोला निवासी रविंद्र सिंह के पुत्र गोलू कुमार (20) के रूप में हुई है। गोलू अपने गांव के अन्य साथियों के साथ कांवरिया जत्थे में शामिल था।
बताया जा रहा है कि जत्थे में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। आगे डीजे बज रहा था और कांवरिया पैदल नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। गोलू जत्थे के पीछे बाइक से धीरे-धीरे चल रहा था। इसी दौरान उस पर हमला किया गया।
पीछे से आए नकाबपोशों ने मारी गोली
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, गोलू बाइक से कांवरिया जत्थे के पीछे चल रहा था। इसी बीच देवरिया की ओर से एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश वहां पहुंचे।
आरोप है कि बाइक सवार बदमाशों ने गोलू को पीछे से गोली मारी। गोली लगने के बाद वह बाइक से गिरकर सड़क पर जा गिरा। हमलावर वारदात के तुरंत बाद उसी दिशा में फरार हो गए, जिस दिशा से आए थे।
बदमाशों ने चेहरे पर नकाब लगा रखा था, इसलिए मौके पर मौजूद लोगों को उनकी पहचान करने में परेशानी हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कौन थे और उन्होंने गोलू को ही निशाना क्यों बनाया।
डीजे की तेज आवाज का उठाया फायदा?
घटना के संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय वारदात हुई, उस समय कांवरिया जत्थे में तेज आवाज में डीजे बज रहा था। बड़ी संख्या में कांवरिया नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
इसी शोर के बीच गोली चलने की आवाज लोगों को स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दी। गोली लगने के बाद जब गोलू सड़क पर गिरा और लोगों की नजर उस पर पड़ी, तब घटना का पता चला।
हालांकि, बदमाशों ने वारदात को किस वजह से अंजाम दिया और क्या उन्होंने पहले से गोलू की रेकी की थी, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
गोली लगने के बाद मची अफरातफरी
गोलू के सड़क पर गिरते ही कांवरिया जत्थे में अफरातफरी मच गई। कुछ लोग घटना को समझने की कोशिश करने लगे तो कई लोग डर के कारण इधर-उधर हट गए।
बाद में साथ चल रहे लोगों ने गोलू को उठाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
गोलू की मौत की खबर जैसे ही जत्थे में पहुंची, वहां मातम और दहशत का माहौल बन गया। जिस जत्थे में कुछ देर पहले तक बोल-बम के जयकारे और डीजे की आवाज गूंज रही थी, वहां अचानक सन्नाटा पसर गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पारू थाना पुलिस सक्रिय हुई। थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार शुक्ला पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और वारदात से जुड़े तथ्यों को जुटाने का प्रयास किया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोली किस हथियार से चलाई गई, हमलावर किस बाइक से आए थे और घटना से पहले गोलू के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे।
पुलिस आसपास के लोगों और कांवरिया जत्थे में शामिल लोगों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि हमलावरों तक पहुंचने के लिए कोई सुराग मिल सके।
हत्या की वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर गोलू कुमार की हत्या क्यों की गई। क्या बदमाशों ने किसी पुरानी रंजिश के कारण उसे निशाना बनाया या हत्या के पीछे कोई अन्य वजह थी?
पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतक के परिचितों, परिवार के सदस्यों और उसके साथ यात्रा कर रहे लोगों से पूछताछ के आधार पर हत्या की वजह सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि गोलू का किसी व्यक्ति से पहले से विवाद था या नहीं और घटना से पहले उसे किसी तरह की धमकी मिली थी या नहीं।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा शव
पुलिस के अनुसार, गोलू कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गोली लगने की स्थिति और मौत से जुड़े अन्य चिकित्सकीय तथ्यों की पुष्टि होगी।
इसके साथ ही पुलिस घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाने और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी लेने में लगी है।
गांव में तनाव, परिवार में मचा कोहराम
20 वर्षीय गोलू कुमार की हत्या की खबर मिलते ही उसके गांव गोसाईं टोला में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। कम उम्र में हुई इस हत्या ने गांव के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
कांवरिया जत्थे में भी दहशत
यह वारदात ऐसे समय हुई जब बड़ी संख्या में कांवरिया जलबोझी कर जल चढ़ाने के लिए आगे बढ़ रहे थे। चलते हुए जत्थे के पीछे एक युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने से कांवरियों के बीच सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
घटना के बाद जत्थे में शामिल लोग काफी देर तक सहमे रहे। लोगों के बीच सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर रही कि इतनी भीड़ के बीच बाइक सवार दो नकाबपोश हमलावर आए, गोली चलाई और फरार भी हो गए।
पुलिस के सामने हमलावरों की पहचान सबसे बड़ी चुनौती
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों नकाबपोश हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी है। पुलिस घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि किसी ने बाइक, हमलावरों के हुलिए या उनके भागने की दिशा को देखा था या नहीं।
पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पारू इलाके के साथ-साथ कांवरिया जत्थे में भी दहशत पैदा कर दी है। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि गोलू कुमार की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों नकाबपोश कौन थे।
