नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए विवादित प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावुक और बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे, जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। इसके बावजूद उन्होंने उन युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग नहीं की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “भटके हुए युवाओं को केवल सजा देना समाधान नहीं है। उन्हें सही रास्ता दिखाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी का कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और यदि वे गलत दिशा में चले जाएं तो उन्हें समझाने और सुधारने की जिम्मेदारी समाज की भी है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि नफरत और गाली-गलौज से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विरोध की भी एक मर्यादा होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे युवाओं को दुश्मन नहीं, बल्कि भटका हुआ मानकर उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास करें।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। समर्थक इसे पीएम मोदी की उदार सोच बता रहे हैं, जबकि विपक्ष की ओर से भी इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं द्वारा प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद इस मामले को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई। अब प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।
अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री के इस संदेश का युवाओं और राजनीतिक दलों पर क्या असर पड़ता है।
