मधुबनी | 25 मई 2026
मधुबनी समाहरणालय स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में सोमवार को पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर सी.सी.टी.एन.एस. (CCTNS) एन.सी.आर.बी.-सी.ए.एस. 1.0 (Core Application Software) पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक चला, जिसमें पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा विकसित कोर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (CAS 1.0) के व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर का उद्देश्य देशभर के पुलिस स्टेशनों को एकीकृत नेटवर्क से जोड़कर कानून व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।
कार्यक्रम में पुलिस थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर (FIR), जांच रिपोर्ट तथा चार्जशीट को पूरी तरह ऑनलाइन एवं पेपरलेस बनाने की प्रक्रिया का लाइव अभ्यास कराया गया। इसके अलावा अपराधियों, लापता व्यक्तियों तथा चोरी हुए वाहनों का डेटा देश के किसी भी हिस्से से तुरंत ट्रैक करने की तकनीक की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) के तहत CCTNS को कोर्ट, जेल एवं फोरेंसिक लैब से जोड़ने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों ने कहा कि इससे मामलों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी होगी।
इस नई तकनीक से आम लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलने वाली है। अब नागरिक घर बैठे चरित्र प्रमाणपत्र, किराएदार सत्यापन और ऑनलाइन शिकायत जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी दक्षता बढ़ने से पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक स्मार्ट, तेज और जवाबदेह बनेगी, जिससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर डी.आई.ओ. रंजन कुमार यादव, असिस्टेंट डी.आई.ओ. विकास कुमार, डी.आर.एम. मो. आरजू सहित पुलिस विभाग के कई तकनीकी कर्मी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
