मधुबनी, 12 जुलाई 2026।
मधुबनी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फुलपरास थाना क्षेत्र में चोरी के चांदी के सामान और दो अवैध रायफल बरामद किए हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को दोपहर 1:28 बजे फुलपरास थाना को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के पेता गांव निवासी बसंत कुमार दिल्ली से चोरी कर लाए गए चांदी के सामान को अपने घर में छिपाकर रखा है और उसे बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने बसंत कुमार के घर पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति घर के पीछे से भाग निकला, जिसकी पहचान बसंत कुमार के रूप में हुई। हालांकि वह पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। इसके बाद पुलिस ने घर की विधिवत तलाशी ली, जिसमें चांदी के कई पुराने सामान बरामद हुए। घर में मौजूद बसंत कुमार की मां ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा दो दिन पहले यह सामान दिल्ली से लेकर आया था।
पुलिस ने मौके से बरामद सभी सामान को जब्त कर लिया। इसी बीच गुप्तचर से सूचना मिली कि चोरी का अन्य सामान और हथियार अरुण सिंह के घर में छिपाकर रखे गए हैं। सूचना पर पुलिस ने तुरंत अरुण सिंह के घर की तलाशी ली, जहां से दो पुरानी रायफल बरामद हुईं।
पूछताछ में अरुण सिंह ने पुलिस को बताया कि दोनों रायफल बसंत कुमार ने उसके घर में लाकर रखी थीं। इसके बाद पुलिस ने अरुण सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ चोरी का सामान तथा अवैध हथियार छिपाने के आरोप में मामला दर्ज किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरुण सिंह, पिता स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण सिंह, निवासी पेता, थाना फुलपरास, जिला मधुबनी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बरामद सामान
चांदी का एक लोटा (लगभग 188 ग्राम)
चांदी का छोटा लोटा (लगभग 130 ग्राम)
चांदी की एक थाली (लगभग 220 ग्राम)
तीन पांव वाला पुराना पनशला स्टैंड (लगभग 200 ग्राम)
छोटा पनशला/कलश (लगभग 31 ग्राम)
दो पुरानी रायफल
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी बसंत कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि चोरी का सामान और हथियार कहां से आए तथा इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार और चोरी का सामान छिपाना या उसकी खरीद-कानूबिक्री करना नन दंडनीय अपराध है।
