मधुबनी | 09 जुलाई 2026
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अंतर विभागीय समन्वय बैठक में राजस्व वसूली, जन शिकायतों और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से साप्ताहिक अंतर विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्य प्रगति, जन शिकायतों के निष्पादन, सहयोग पोर्टल, राजस्व वसूली, न्यायालयीन मामलों तथा विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लंबित मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सेवा-संवाद-समाधान एवं सहयोग शिविर पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक कुल 11,082 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 9,641 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 1,039 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित आवेदनों का निपटारा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
इन विभागों के कार्यों की हुई सराहना
समीक्षा के दौरान कला एवं संस्कृति विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग, उद्योग विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, खेल विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पर्यटन विभाग तथा गन्ना उद्योग विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों के शत-प्रतिशत समय पर निष्पादन की सराहना की गई। वहीं जिन विभागों में आवेदन लंबित पाए गए, उनसे जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।
जन शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर
बैठक में लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (RTPS), जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम (CPGRAMS), सूचना का अधिकार (RTI) सहित विभिन्न शिकायत निवारण मंचों पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश
नीलाम पत्र शाखा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को बड़े राजस्व वाले मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कर जल्द निपटाने तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से वसूली की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
न्यायालयीन मामलों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
माननीय उच्च न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी (CWJC), एमजेसी (MJC), एलपीए (LPA) सहित अन्य न्यायालयीन मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समय पर शपथ-पत्र, प्रतिवेदन एवं आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
यूसी-डीसी और विकास योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) एवं व्यय प्रमाण पत्र (DC) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं से योजनाओं की अद्यतन जानकारी ली गई। उन्होंने निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार सहित सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
