मधुबनी | 08 जुलाई 2026
श्रावण मास में आयोजित होने वाले सोमवारी मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मधुबनी जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को बिस्फी स्थित टीसीपी भवन में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास जिले की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान विशेष रूप से उगना महादेव, बाबा कपालेश्वर महादेव सहित अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है।
चार सोमवारी पर रहेगी विशेष सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवारी पड़ रही हैं। पहली सोमवारी 3 अगस्त, दूसरी 10 अगस्त, तीसरी 17 अगस्त और चौथी एवं अंतिम सोमवारी 24 अगस्त 2026 को होगी। वहीं श्रावणी पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा।
इन सभी अवसरों पर जिले के प्रमुख मंदिरों, मेला क्षेत्रों और कांवड़ यात्रा मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV और वीडियोग्राफी से होगी निगरानी
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के माध्यम से की जाएगी। सादे लिबास में पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। सोशल मीडिया की भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर रहेगी विशेष चौकसी
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कांवड़ियों के गुजरने वाले सभी प्रमुख मार्गों और चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाए जाएंगे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा।
भैरवा मंदिर परिसर में नहीं लगेगा बाजार
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भैरवा मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का बाजार नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने स्वयं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन ने दिए आवश्यक निर्देश
श्रावणी मेले के दौरान प्रत्येक अनुमंडल में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों की रोस्टर के अनुसार प्रतिनियुक्ति होगी। इसके साथ ही चिकित्सा दल, एंबुलेंस, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सफाई व्यवस्था और गश्ती दल की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे और सभी ने एक स्वर में श्रावणी मेले को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने का संकल्प दोहराया।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि श्रावणी मेला सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो
