मधुबनी, 05 मई 2026
जिले में प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (RTPS) के तहत सख्त कदम उठाया है।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर समयसीमा के भीतर सेवाएं प्रदान नहीं करने वाले चार पूर्व अंचल अधिकारियों पर अधिरोपित आर्थिक दंड की वसूली की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के सचिव को पत्र भेजकर संबंधित अधिकारियों के वर्तमान पदस्थापन अथवा अंतिम तैनाती से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रशासन का मानना है कि अद्यतन जानकारी प्राप्त होते ही दंड वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
जिला प्रशासन के अनुसार, RTPS अधिनियम के तहत आम नागरिकों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक सरकारी सेवाएं तय समयसीमा के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय में सेवा प्रदान करने में विफल रहता है, तो उसके विरुद्ध आर्थिक दंड का प्रावधान है।
इसी प्रावधान के तहत पूर्व में जिले के कुछ अंचल अधिकारियों पर दंड अधिरोपित किया गया था, लेकिन अब तक संबंधित राशि की वसूली नहीं हो सकी है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वसूली प्रक्रिया को प्राथमिकता में रखा है।
किन अधिकारियों पर कितना है बकाया दंड?
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों पर दंड राशि लंबित है:
सुनील कुमार साह (तत्कालीन अंचलाधिकारी, रहिका) – ₹25,000
मनोज कुमार (तत्कालीन अंचलाधिकारी, लखनौर) – ₹20,035
अरविंद कुमार श्रीवास्तव (तत्कालीन अंचलाधिकारी, बेनीपट्टी) – ₹23,500
प्रमोद कुमार दत्ता (तत्कालीन अंचलाधिकारी, मधेपुर) – ₹9,000
विभागीय स्तर पर भी मांगा गया सहयोग:
जिलाधिकारी ने केवल सूचना ही नहीं मांगी, बल्कि विभाग से यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों के वर्तमान कार्यस्थल पर तैनात वरीय पदाधिकारी भी अपने स्तर से आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि दंड की वसूली में किसी प्रकार की देरी न हो।
⚠️ प्रशासन का सख्त संदेश:
जिला प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि समयबद्ध सेवा देना सभी सरकारी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। RTPS अधिनियम का उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी और त्वरित सेवा उपलब्ध कराना है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्यों अहम है यह कार्रवाई?
प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
सरकारी सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने का प्रयास
अन्य अधिकारियों के लिए चेतावनी और उदाहरणl
आम जनता का भरोसा बढ़ाने की पहलl
