बाढ़ आश्रय स्थल, नाव, मेडिकल टीम और वैकल्पिक फसल योजना की तैयारियों की हुई समीक्षा
मधुबनी, 26 मई 2026।
संभावित बाढ़ और सुखाड़ को लेकर मधुबनी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मंगलवार को डीआरडीए सभागार में Leshi Singh की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें जिले की आपदा पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने साफ कहा कि सरकार बाढ़ और सुखाड़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर परिस्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें।
उन्होंने विशेष रूप से वैकल्पिक फसल योजना को जल्द अंतिम रूप देने का निर्देश दिया ताकि कम वर्षापात की स्थिति में किसानों को नुकसान कम हो सके। साथ ही नल-जल योजना के अधूरे वार्डों को अभियान चलाकर शीघ्र पूरा करने को कहा।
बैठक में अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार ने बताया कि मधुबनी जिला बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील है और जिले से करीब 18 नदियां गुजरती हैं। सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर की निगरानी लगातार की जा रही है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार जून से सितंबर 2026 तक सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
242 राहत शिविर और 231 सामुदायिक रसोई तैयार
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि जिले में संभावित बाढ़ को देखते हुए 242 राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं, जहां लगभग 97 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा 231 सामुदायिक रसोई केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां प्रतिदिन करीब 92 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
जिले में 67 हजार से अधिक पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं। 93 सरकारी नावों में से 28 नाव फिलहाल परिचालन योग्य हैं, जबकि 22 नावों की मरम्मत का काम जारी है। इसके अलावा 41 निजी नाव मालिकों के साथ भी समझौता किया जा रहा है। जिले में 7 मोटरबोट और 4 सेटेलाइट फोन भी उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल टीम भी तैयार
संभावित आपदा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिकल टीम गठित कर दी गई है। मधेपुर, फुलपरास, घोघरडीहा, बिस्फी, मधवापुर, बेनीपट्टी और लौकही जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में बोट एम्बुलेंस के लिए विशेष मेडिकल टीम तैयार की गई है।
30 मई को होगी विशेष ग्राम सभा
जिलाधिकारी ने बताया कि 30 मई 2026 को जिले के सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर संपूर्ति पोर्टल पर छूटे लाभुकों के नाम जोड़े जाएंगे और सूची अपडेट की जाएगी, ताकि आपदा की स्थिति में राहत राशि का भुगतान तुरंत किया जा सके।
बैठक में सांसद Rampreet Mandal, विधान परिषद सदस्य Ghanshyam Thakur, जिला परिषद अध्यक्षा बिंदु गुलाब यादव, जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद
