मधुबनी, 26 मई 2026:
महिला एवं बाल विकास निगम, मधुबनी के तत्वावधान में झंझारपुर प्रखंड अंतर्गत चनौरागंज पंचायत में महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से “सखी वार्ता” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW), वन स्टॉप सेंटर (OSC) मधुबनी एवं झंझारपुर, तथा जीविका के दीदी अधिकार केंद्र के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पंचायत क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं, किशोरियों, बालिकाओं एवं पुरुषों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह निषेध, दहेज प्रथा उन्मूलन, शिक्षा का महत्व, स्वास्थ्य एवं पोषण, वित्तीय साक्षरता तथा आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) के लैंगिक विशेषज्ञ शिवराम मेहरा ने महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले “सहयोग शिविर” की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इन शिविरों के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ने का कार्य किया जाता है। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज में समान भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
वन स्टॉप सेंटर (OSC) मधुबनी की केस वर्कर बीना चौधरी ने महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना एवं अन्य प्रकार के उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता, मनोसामाजिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने महिलाओं से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और सहायता लेने में संकोच नहीं करने की अपील की।
वहीं, वन स्टॉप सेंटर झंझारपुर की मनोसामाजिक परामर्शी दीपशिखा सिंह ने महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध अधिनियम एवं महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हेतु संचालित विभिन्न हेल्पलाइन और टोल फ्री नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या भेदभाव की स्थिति में महिलाएं बिना डर संबंधित विभागों और हेल्पलाइन सेवाओं की मदद ले सकती हैं।
कार्यक्रम में DHEW की वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ पूनम कुमारी ने महिलाओं एवं किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और वित्तीय साक्षरता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बचत, स्वरोजगार एवं सरकारी वित्तीय योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान महिलाओं एवं किशोरियों ने खुलकर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए, जिन पर संबंधित विभागों के कर्मियों द्वारा आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने “सखी वार्ता” जैसी पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की जागरूकता एवं सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
“सखी वार्ता” कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, सामाजिक जागरूकता फैलाने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हुआ।
