दरभंगा। केवटी प्रखंड के दिघियार स्थित उर्दू माध्यमिक विद्यालय की आधिकारिक पहचान एवं विद्यालयी व्यवस्था में कथित बदलाव को लेकर मामला सामने आया है। जिला स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के आरोपों के बीच अब बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने मामले में हस्तक्षेप किया है।
बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा विद्यालय की मूल व्यवस्था बहाल करने की दिशा में आवश्यक पहल करने को कहा गया है।
उर्दू की आधिकारिक पहचान का मुद्दा
इस मामले को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ ने कहा है कि उर्दू बिहार की द्वितीय राजभाषा है। ऐसे में उर्दू माध्यम विद्यालय की पहचान, उर्दू भाषा की गरिमा और विद्यार्थियों के अधिकारों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
संगठन ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मौलाना गुलाम रसूल बलियावी के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया है। संगठन का कहना है कि आयोग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के लिए पहल की।
निष्पक्ष जांच की मांग
ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ ने उम्मीद जताई है कि दरभंगा के जिलाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएंगे। संगठन के मुताबिक, यदि जांच में विद्यालय की व्यवस्था अथवा उर्दू की आधिकारिक पहचान से संबंधित किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
संगठन ने कहा कि उर्दू से जुड़ा यह मामला केवल भाषा की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की द्वितीय राजभाषा के प्रशासनिक एवं आधिकारिक सम्मान से भी जुड़ा हुआ है।
हालांकि, मामले में प्रशासनिक जांच के अंतिम निष्कर्ष और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
