Monday, July 20, 2026
No menu items!
Homeबिहारमधुबनी में मानवीय पहल: विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से एक बालिका को...

मधुबनी में मानवीय पहल: विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से एक बालिका को अमेरिकी दंपत्ति ने लिया गोद, डीएम आनंद शर्मा की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया

 

मधुबनी, 19 जुलाई 2026।

मधुबनी जिले के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (Specialized Adoption Agency) से एक बालिका को सभी वैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के एक दंपत्ति को विधिवत दत्तक सौंप दिया गया। यह पूरी प्रक्रिया जिला पदाधिकारी-सह-जिला दंडाधिकारी आनंद शर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुई।

जिला प्रशासन के अनुसार, दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया भारत सरकार के प्रचलित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई। सभी आवश्यक दस्तावेजों, औपचारिकताओं और अंतिम स्वीकृतियों के बाद बालिका को उसके नए परिवार को सौंपा गया।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि दत्तक ग्रहण व्यवस्था उन बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक और मानवीय पहल है, जो निराश्रित हैं या जिन्हें संरक्षण और परिवार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, पारिवारिक स्नेह, बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य का अधिकार है। ऐसे बच्चों को प्रेमपूर्ण परिवार उपलब्ध कराना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।

डीएम ने कहा कि दत्तक ग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बच्चे के जीवन को नई दिशा देने का माध्यम है। इससे बच्चों को पारिवारिक माहौल में बेहतर परवरिश, शिक्षा और विकास के अवसर मिलते हैं, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सुरक्षित पुनर्वास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के माध्यम से सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों और कानूनों के अनुरूप पूरी की जाती हैं, ताकि बच्चों के हित सर्वोपरि रहें।

कार्यक्रम के दौरान सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई नितेश कुमार पाठक, वरीय उप समाहर्ता ज्योति रानी, बाल संरक्षण पदाधिकारी अजय कुमार, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के समन्वयक भावेश कुमार झा सहित जिला बाल संरक्षण इकाई के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

यह दत्तक ग्रहण प्रक्रिया एक बार फिर इस बात का उदाहरण बनी कि कानूनी और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से निराश्रित बच्चों को नया परिवार और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सकता है। जिला प्रशासन ने इसे बाल संरक्षण और बाल अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

अभी अभी

लोकप्रिय खबर