मधुबनी | 5 जुलाई 2026
मधुबनी जिले में वैज्ञानिक तकनीक के जरिए मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की गई है। मत्स्य निदेशालय, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार, बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (BAIP) और PRADAN संस्था के संयुक्त सहयोग से जिले के छह चयनित मत्स्य किसानों को जयंती रोहू और अमृत कतला का उन्नत स्पॉन उपलब्ध कराया गया है।
यह उन्नत स्पॉन ICAR-CIFA के अधिकृत मल्टीप्लायर के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया गया है। PRADAN संस्था किसानों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन से जुड़ा प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दे रही है, ताकि वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें।
विशेषज्ञों के अनुसार जयंती रोहू और अमृत कतला उच्च उत्पादन क्षमता वाली उन्नत प्रजातियां हैं। इनकी वृद्धि सामान्य प्रजातियों की तुलना में अधिक तेज होती है, जिससे कम समय में ज्यादा उत्पादन और बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना रहती है।
जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर मत्स्य पालन को व्यवसायिक रूप देने की अपील की और विभाग की ओर से हरसंभव तकनीकी सहयोग का भरोसा दिलाया।
वहीं BAIP की टीम के विवेक प्रियदर्शी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जिले में उन्नत मत्स्य प्रजातियों का विस्तार करना और मत्स्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी सलाह और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम से जुड़े किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्नत स्पॉन मिलने से मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आय में सकारात्मक बदलाव आएगा।
किसानों ने मत्स्य विभाग,
BAIP और PRADAN संस्था का आभार जताते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
