मधुबनी, 24 जून 2026:
मिथिलांचल की सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले मधुबनी जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग ने जिला मुख्यालय में अत्याधुनिक “अटल कला भवन” के निर्माण के लिए ₹19 करोड़ 73 लाख 26 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। 620 दर्शक क्षमता वाले इस आधुनिक ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक परिसर के निर्माण से जिले की सांस्कृतिक गतिविधियों को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय से महसूस की जा रही थी आधुनिक सभागार की आवश्यकता
मधुबनी जिले में वर्षों से बड़े सांस्कृतिक आयोजनों, साहित्यिक कार्यक्रमों, नाट्य मंचनों, संगीत समारोहों, कला प्रदर्शनियों, शैक्षणिक संगोष्ठियों और विभिन्न सरकारी-सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक आधुनिक एवं पर्याप्त क्षमता वाले सभागार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अटल कला भवन के निर्माण के बाद यह कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और जिले को एक स्थायी एवं अत्याधुनिक सांस्कृतिक मंच उपलब्ध होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अटल कला भवन
प्रस्तावित अटल कला भवन में 620 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम, कला दीर्घा (आर्ट गैलरी), प्रदर्शनी स्थल, सम्मेलन कक्ष, अभ्यास कक्ष तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भवन का निर्माण भवन निर्माण विभाग, बिहार द्वारा तकनीकी रूप से अनुमोदित प्राक्कलन के आधार पर कराया जाएगा।
यह परिसर कलाकारों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों, लोकगायकों, लोकनर्तकों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा।
मिथिला की कला और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
अटल कला भवन के निर्माण का मुख्य उद्देश्य मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से मिथिला पेंटिंग, लोक संगीत, लोक नृत्य और नाट्य कला जैसी पारंपरिक विधाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में यह भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके माध्यम से स्थानीय और उभरती हुई प्रतिभाओं को अपनी कला के प्रदर्शन और विकास के लिए बेहतर मंच मिलेगा, जिससे जिले की सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक विस्तार मिलेगा।
परियोजना को मंजूरी दिलाने में जिलाधिकारी की रही अहम भूमिका
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को धरातल पर लाने में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की सक्रिय भूमिका रही। जिले में सांस्कृतिक अवसंरचना के विकास की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने इस परियोजना को प्राथमिकता दी और राज्य सरकार एवं संबंधित विभागों के समक्ष इसकी आवश्यकता को प्रभावी ढंग से रखा।
लगातार अनुश्रवण और विभिन्न स्तरों पर की गई पहल के बाद इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल सकी।
क्या बोले जिलाधिकारी आनंद शर्मा
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि अटल कला भवन का निर्माण मधुबनी के सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन जिले की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगा तथा कलाकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में यह परिसर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
ई-टेंडरिंग के माध्यम से होगा निर्माण
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार अटल कला भवन का निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग, बिहार द्वारा ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह परिसर एक बहुउद्देशीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जहां कला, साहित्य, संगीत, रंगमंच और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा सकेगा।
मधुबनी के सांस्कृतिक विकास में साबित होगा मील का पत्थर
अटल कला भवन की प्रशासनिक स्वीकृति को मधुबनी जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल जिले की सांस्कृतिक समृद्धि को नई ऊर्जा प्रदान करेगी, बल्कि मधुबनी को बिहार के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आने वाले वर्षों में यह भवन कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान देगा।
