गंगा आरती के विधि-विधान और सांस्कृतिक परंपराओं का लेंगे प्रशिक्षण, जिले में चलाएंगे जन-जागरूकता अभियान
मधुबनी, 17 जून 2026:
गंगा संरक्षण और जन-जागरूकता अभियान को नई मजबूती देने के उद्देश्य से जिला गंगा समिति (नमामि गंगे), मधुबनी का चार सदस्यीय दल गंगा आरती प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेने के लिए ऋषिकेश रवाना हो गया है। यह प्रशिक्षण 18 जून से 21 जून तक उत्तराखंड स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण दल में गंगा मित्र पवन कुमार सिंह, सुभाष कुमार कामत, सन्नी कुमार और ज्योति कुमारी शामिल हैं। सभी प्रतिभागी गंगा आरती के विधि-विधान, उसकी आध्यात्मिक महत्ता और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
विशेष बात यह है कि मधुबनी जिले से पहली बार चार गंगा मित्रों का चयन इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए हुआ है, जिसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। चयनित सभी सदस्य लंबे समय से जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
जिला परियोजना पदाधिकारी (नमामि गंगे) आनंद अंकित ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विरासत की प्रतीक है। गंगा आरती लोगों को नदी संरक्षण से भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये गंगा मित्र जिले में गंगा एवं अन्य जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति लोगों को अधिक प्रभावी ढंग से जागरूक करेंगे। साथ ही, उनके अनुभव और ज्ञान का लाभ जिले में चलाए जा रहे गंगा संरक्षण अभियानों को मिलेगा तथा मधुबनी का नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी गौरवान्वित होगा।
