मधुबनी जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर बुधवार को समुदाय आधारित गतिविधि के तहत “गोदभराई दिवस” का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारजनों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।
विभागीय प्रावधान के अनुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख को आंगनवाड़ी केंद्रों पर गोदभराई दिवस आयोजित किया जाता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के लिए जरूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दी जाती हैं।
कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, स्वच्छता और सुरक्षित प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरी सब्जियां, दाल, फल और अन्य पोषक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी गई, ताकि मां और नवजात दोनों को पर्याप्त पोषण मिल सके।
“स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु से ही
बनेगा स्वस्थ समाज”
आईसीडीएस मधुबनी की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ. ललिता कुमारी ने कहा कि किसी भी समाज की मजबूत नींव स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु से तैयार होती है। उन्होंने बताया कि बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और इसकी शुरुआत गर्भधारण के समय से ही हो जाती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को समय पर पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को टीएचआर (टेक होम राशन) उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा हर महीने ग्राम स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता दिवस आयोजित कर लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
पारंपरिक तरीके से हुआ सम्मान
जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, एएनएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई और उन्हें स्वस्थ मातृत्व के लिए प्रेरित किया गया।
जिला प्रशासन और आईसीडीएस विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों से अपील की है कि वे नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ें और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का लाभ उठाकर सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व सुनिश्चित करें।
