मधुबनी | 23 मार्च 2026
समाहरणालय, मधुबनी में सोमवार को जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सख्त निगरानी और समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सिनेमा हॉल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही एसएसबी, कस्टम एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सीमावर्ती प्रखंडों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने कहा कि ड्रग्स और नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए बॉर्डर क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि छापेमारी के दौरान गवाह के रूप में चौकीदार, राजस्व कर्मचारी या पंचायत सचिव को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि अभियोजन प्रक्रिया मजबूत हो सके। साथ ही मादक पदार्थ पहचान किट की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को नशा मुक्त अभियान को तेज करने का निर्देश देते हुए कहा कि विशेष रूप से सूखा नशा के खिलाफ सीमावर्ती गांवों में अभियान चलाया जाए। सभी छापेमारी और कार्रवाई का स्पष्ट वीडियो एवं फोटो रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिया कि जिले की सभी दवा दुकानों, खासकर बॉर्डर एरिया में संचालित दुकानों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की नियमित पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
