मधुबनी: जिले में आयोजित दो दिवसीय मिथिला महोत्सव 2026 का शुक्रवार को भव्य आगाज़ हुआ। उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने केक काटकर और रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में उड़ाकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। उद्घाटन के साथ ही पूरे परिसर में उत्सव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन के साक्षी बने।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
महोत्सव के पहले दिन स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। गीत-संगीत, पारंपरिक नृत्य और नाटक के माध्यम से मिथिला की समृद्ध परंपराओं को जीवंत किया गया। खासकर डोमकच लोकगीत पर स्कूली छात्राओं की प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही।
स्टॉलों में दिखी मिथिला की पहचान
कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में मिथिला पेंटिंग, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक कलाओं की आकर्षक झलक देखने को मिली। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने इन स्टॉलों का निरीक्षण कर कलाकारों और शिल्पकारों से बातचीत की तथा उनके कार्यों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस गरिमामयी अवसर पर डीडीसी सुमन प्रसाद साह, प्रशिक्षु आईएएस विरूपक्ष विक्रम सिंह, नगर आयुक्त उमेश भारती, एडीएम मुकेश रंजन, एडीएम (आपदा) संतोष कुमार, डीटीओ रामबाबू, एसडीओ चंदन झा, पुलिस उपाधीक्षक रश्मि एवं डीपीआरओ परिमल कुमार सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

डीपीआरओ ने दी शुभकामनाएं
डीपीआरओ परिमल कुमार ने मीडिया के माध्यम से जिलेवासियों को मिथिला महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन मिथिला की कला, संस्कृति और परंपरा को नई पहचान देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

गौरव का प्रतीक बना महोत्सव
मिथिला महोत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का माध्यम है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी अवसर प्रदान करता है। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि मिथिला की परंपराएं आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
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