मधुबनी। सखी बहिनपा मैथिलानी समूह द्वारा मातृभाषा मैथिली और मिथिला की मूलभूत समस्याओं को लेकर एक ठोस व सार्थक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। “गाम बजा रहल अछि” कार्यक्रम के तहत मैथिलानी महिलाएं गांव-गांव जाकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज को जागरूक कर रही हैं।
इस अवसर पर सखी बहिनपा की सक्रिय सदस्य श्रीमती आरती झा ने कहा कि यह समूह लंबे समय से मैथिली भाषा और मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में भाग लेने के लिए विभिन्न शहरों से मैथिलानी सखियां गांवों में पहुंची हैं, जो अपने आप में ऐतिहासिक है।
उन्होंने कहा कि “गाम बजा रहल अछि” कार्यक्रम के माध्यम से मातृभाषा, संस्कृति और मिथिला की जमीनी समस्याओं को लेकर ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाई जा रही है, जिससे समाज में अपनी भाषा के प्रति सम्मान और चेतना बढ़ेगी। सखी बहिनपा न सिर्फ भाषा और संस्कृति के लिए, बल्कि कई सामाजिक कार्यों में भी निरंतर सक्रिय है।
मधुबनी प्रभारी छाया मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम मंगरौनी एकादश रुद्र प्रांगण से प्रारंभ होकर डोकहर गांव के भगवती प्रांगण, फिर कोयलख भगवती प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 2 फरवरी को दरभंगा जिले के विभिन्न गांवों—श्मशान काली मंदिर, शुभंकरपुर सती स्थान और सीनुआरा गांव—में भी यह जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सखी बहिनपा संस्था विश्वभर में सक्रिय है और इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दूर-दूर से मैथिलानी सखियां गांवों में एकत्रित हुई हैं। यह अभियान मैथिलानी महिलाओं द्वारा अपनी मातृभाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए उठाया गया एक सराहनीय और मजबूत कदम है।
