मधुबनी | आदर्श नगर
विद्यालय परिवार की आत्मा रहीं श्रीमती बागेश्वरी कुमारी
प्राथमिक विद्यालय आदर्श नगर में शनिवार को एक भावनात्मक वातावरण उस समय देखने को मिला, जब विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती बागेश्वरी कुमारी अपने 17 वर्षों की निष्कलंक, कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं। उनके सम्मान में आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह में शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यालय कर्मी, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बच्चों से लेकर अभिभावकों तक— सभी की चहेती थीं मैडमश्रीमती बागेश्वरी कुमारी को विद्यालय में केवल शिक्षिका नहीं, बल्कि अभिभावक, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में जाना जाता था। बच्चों के बीच उनका स्नेहपूर्ण व्यवहार और अभिभावकों के साथ आत्मीय संबंध उन्हें विशेष पहचान दिलाता रहा।
Regional Secondary School, Jeewach Chowk, Sapta के निदेशक डॉ. राम श्रृंगार पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमती बागेश्वरी कुमारी जैसी शिक्षिकाएं किसी एक विद्यालय की नहीं, बल्कि समूचे समाज की धरोहर होती हैं। उन्होंने बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और संस्कारों से भी जोड़ा। उनका समर्पण आने वाली पीढ़ी के शिक्षकों के लिए प्रेरणा है।
डॉ. मनोज कुमार झा (Principal, Regional Secondary School) ने कहा कि श्रीमती बागेश्वरी कुमारी ने शिक्षण को नौकरी नहीं, बल्कि सेवा, साधना और सामाजिक दायित्व के रूप में निभाया। उनका अनुशासन, समयबद्धता और बच्चों के प्रति समर्पण विद्यालय के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
बंदना कुमारी सिंह (सह-शिक्षिका)
सह-शिक्षिका बंदना कुमारी सिंह ने कहा कि लगभग दो वर्षों तक साथ कार्य करने के दौरान उन्होंने श्रीमती बागेश्वरी कुमारी को केवल सहकर्मी नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और गुरु के रूप में पाया। उनके अनुभव और स्नेह से उन्हें शिक्षण कार्य में निरंतर प्रेरणा मिलती रही।
पवन कुमार चौधरी (वरिष्ठ शिक्षक)
वरिष्ठ शिक्षक पवन कुमार चौधरी ने कहा कि 19 वर्षों के साथ के सफर में उन्होंने मैडम को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का जीवंत उदाहरण के रूप में देखा। वे हमेशा विद्यालय हित को सर्वोपरि रखती थीं।
पंकज कुमार (शिक्षक)
शिक्षक पंकज कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि श्रीमती बागेश्वरी कुमारी का व्यवहार सभी के प्रति समान और सहयोगात्मक रहा। उन्होंने मैडम के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
भावनात्मक विदाई और सम्मान
विद्यालय परिवार की ओर से श्रीमती बागेश्वरी कुमारी को स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट किए गए। एक विशेष भावनात्मक उपहार समारोह का केंद्र रहा, जिसे शिक्षकों ने सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता का प्रतीक बताया।
“मैडम, आप जाएं नहीं…”— नम आंखों से विदाई
विदाई के समय माहौल अत्यंत भावुक हो गया। शिक्षक और कर्मचारी नम आंखों से कहते नजर आए—
“मैडम, आप जाएं नहीं… कुछ दिन और रुक जाइए।”
श्रीमती बागेश्वरी कुमारी का संदेश
अपने विदाई संबोधन में श्रीमती बागेश्वरी कुमारी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों को अपने परिवार की तरह समझकर शिक्षा दी है और उनकी यही कामना है कि आने वाले शिक्षक भी बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार दें।
