अड़रियासंग्राम (झंझारपुर) से गौतम झा की रिपोर्ट
अंधराठाढ़ी प्रखंड के ठाढ़ी गांव स्थित फुलदेवी कुशेश्वर झा महाविद्यालय परिसर में बुधवार को विश्वप्रशिद्ध षडदर्शन टीकाकार विद्या वारिधि पंडित वाचस्पति मिश्र स्मृति पर राजकीय भामती वाचस्पति महोत्सव का भव्य आयोजन शुरु हुआ । समारोह में मिथिला मैथिली समाज के कई नामचीन हस्तियों ने शिकरत की ।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव, उपाध्यक्ष संजय यादव, प्रमुख पूनम देवी, एसडीएम कुमार गौरव, एसडीपीओ पवन कुमार, डीसीएलआर चंदन कुमार झा, पीजीआरओ बालेंदु नारायण पांडे, आयोजन समिति अध्यक्ष रत्नेश झा, सचिव काशीनाथ झा, सीओ प्रियदर्शिनी, मुखिया राज नारायन राय ने संयुक्त रूप से किया ।
कार्यक्रम के शुरुआत में भामती वाचस्पति स्मारक निर्माण समिति द्वारा मिथिला परंपरा अनुसार सभी अतिथियों को पाग, डोपटा और फुल के माला पहनाकर स्वागत किया गया ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिप अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव उपाध्यक्ष संजय यादव और एसडीएम कुमार गौरव ने कहा कि वाचस्पति उद्भट विद्वान थे ।वे लोगों के प्रेरणाश्रोत रहे । उन्होंने कहा कि अगले साल कार्यक्रम और भव्य रूप से आयोजित होगी ।
वाचस्पति स्मृति पर्व समारोह चार सत्रों मे आयोजित किया गया है । जिसमें कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक मनमोहक गीत संगीत की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुति पर उपस्थित दर्शक तालियां बजाते हुए देखे गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व न्याय विषय पर परिचर्चा की गयी. जिसमें देवनारायण झा, बौआनंद झा, महानंद झा, नंद किशोर चौधरी और संजीत कुमार ने विचार रखा । साथ ही रंगनाथ चौधरी दिवाकर, जायानंद मिश्र आदि ने मिथिला के एतिहासिक एवं पुरातात्विक विकास प्रकाश डाला । वहीं, मिथिला के कला संस्कृत विषय पर आयोजित सत्र में इंदिरा झा, अमल झा, प्रतीक प्रभाकर, ध्रुव कुमार मिश्र ने भाग लिया । पुरे कार्यक्रम में मिथिला संस्कृति की छाप छाई रही । इस दौरान वक्ताओं ने भामती वाचस्पति के कृतित्व और पांडित्य पर विस्तार से चर्चा की ।
