पटना | हिंदुस्तानी मीडिया
बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था, खेल और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लिए गए इन फैसलों को राज्य के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेजों के बेहतर संचालन से लेकर नए केंद्रीय विद्यालय, स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, विशेष न्यायालयों और जलापूर्ति योजनाओं तक कई अहम परियोजनाओं को स्वीकृति दी।
16 मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए PwC बनेगा सलाहकार
राज्य में पीपीपी (PPP) मॉडल पर संचालित होने वाले 16 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिए वैश्विक कंसल्टेंसी कंपनी PwC (PricewaterhouseCoopers) को सलाहकार नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है।इस परियोजना में मेडिकल कॉलेजों के साथ डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भी शामिल होंगे। सलाहकार संस्थानों के संचालन, प्रबंधन, गुणवत्ता सुधार और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए मार्गदर्शन देगा। सरकार का मानना है कि इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और मेडिकल छात्रों को आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा।
19 जिलों में खुलेंगे SC/ST मामलों के विशेष न्यायालय
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 19 जिलों में नए विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इन जिलों में पश्चिम चंपारण, मधुबनी, भोजपुर, सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय शामिल हैं। इन अदालतों के प्रभावी संचालन के लिए 171 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इससे लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी।
जमालपुर और मुंगेर की जलापूर्ति योजनाओं को 279.94 करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट ने अमृत 2.0 (AMRUT 2.0) योजना के तहत जमालपुर और मुंगेर शहरों की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 279.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
जमालपुर जलापूर्ति योजना – ₹102.22 करोड़
मुंगेर जलापूर्ति योजना – ₹177.72 करोड़
इन योजनाओं के पूरा होने के बाद दोनों शहरों में स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
पीपराकोठी में खुलेगा केंद्रीय विद्यालय
पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने इसके लिए सरकारी जमीन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को 30 वर्षों की लीज पर देने की मंजूरी दे दी है। आवश्यकता पड़ने पर लीज की अवधि बढ़ाई भी जा सकेगी।
इस फैसले से पीपराकोठी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को केंद्रीय विद्यालय जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी।
राजगीर में बनेगा अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
बिहार के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित किया जाएगा।
यह केंद्र खिलाड़ियों की फिटनेस जांच, प्रदर्शन विश्लेषण, चोटों की रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और वैज्ञानिक प्रशिक्षण जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इससे बिहार के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ को भी मिली मंजूरी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
इस अभियान के माध्यम से राज्यभर में नागरिकों को अपने घरों, सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना है।
राज्य के विकास को मिलेगी नई गति
कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, शिक्षा के अवसर बढ़ाने, न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इन योजनाओं के लागू होने से राज्य के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
