मधुबनी, 16 जुलाई। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी, मधुबनी (पूर्वी) की ओर से भाजपा के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। जिला कांग्रेस कार्यालय से निकले प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष नलिनी रंजन झा ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर के नाम पर चंदा संग्रह में कथित आर्थिक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी (पूर्वी) के अध्यक्ष नलिनी रंजन झा ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान में आस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी धार्मिक भावना या जनआस्था का उपयोग आर्थिक लाभ अथवा राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के विश्वास के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की पक्षधर है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की जनता की आस्था किसी भी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी है तथा यदि किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन को लेकर सवाल उठे हैं, तो उनका निष्पक्ष तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता टेकनाथ पाठक ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है, जब वे जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह हों। उन्होंने कथित चंदा संग्रह से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता आलोक झा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
प्रदर्शन में प्रखंड अध्यक्ष परीक्षण यादव, अजय साह, मिहिर झा, सुनील झा, निधि झा, कपिल झा, अनिल चंद्र झा, कुमुद रंजन राय, सुशील झा, अकिल अंजुम, अभिषेक झा, विजय कृष्ण झा, बैद्यनाथ यादव, सुमित कुमार, गुड्डू साह, बचनू मंडल, नंद किशोर चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि चंदा संग्रह के संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और किसी भी संस्था या राजनीतिक दल को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनविश्वास की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
