जयनगर (मधुबनी), 14 जुलाई। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जयनगर रेलवे स्टेशन पर व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस ने रेलवे प्रशासन के समक्ष आवाज बुलंद की है। बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अनुरंजन कुमार सिंह ने समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को एक विस्तृत 8 सूत्री ज्ञापन सौंपकर किसानों और यात्रियों से जुड़े गंभीर मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जयनगर रेलवे स्टेशन भारत और नेपाल के बीच आवागमन का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन हजारों यात्री, व्यापारी एवं नेपाल से आने-जाने वाले नागरिक इस स्टेशन का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव और वर्षों से लंबित समस्याएं यात्रियों एवं स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। युवा कांग्रेस ने इन समस्याओं के समाधान के लिए रेलवे प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

वॉशिंग पिट के गंदे पानी से किसानों की फसलें हो रही बर्बाद
ज्ञापन में सबसे गंभीर समस्या रेलवे के वॉशिंग पिट से निकलने वाले दूषित पानी को बताया गया है। आरोप है कि यह पानी आसपास के खेतों में पहुंच रहा है, जिससे कई एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है और किसानों की तैयार फसलें नष्ट हो रही हैं। इससे किसानों को हर वर्ष भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन ने मांग की है कि वॉशिंग पिट के पानी की निकासी के लिए वैज्ञानिक एवं स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाए, ताकि गंदा पानी खेतों तक न पहुंचे और किसानों की फसल सुरक्षित रह सके।
एक आरक्षण काउंटर से यात्रियों को घंटों करनी पड़ती है प्रतीक्षा
ज्ञापन में कहा गया है कि जयनगर जैसे महत्वपूर्ण, सीमावर्ती रेलवे स्टेशन पर केवल एक आरक्षण काउंटर संचालित होने के कारण यात्रियों को टिकट लेने के लिए दो से तीन घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और बीमार यात्रियों को काफी परेशानी होती है। युवा कांग्रेस ने कम से कम दो अतिरिक्त आरक्षण काउंटर तत्काल शुरू करने की मांग की है।
स्टेशन पर शौचालय की कमी से यात्रियों को परेशानी
संगठन ने स्टेशन परिसर में पर्याप्त शौचालय सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि मुख्य प्रवेश द्वार के समीप शौचालय नहीं होने से दूर-दराज से आने वाले यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं नेपाल से आने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए स्टेशन पर आधुनिक एवं स्वच्छ शौचालय का निर्माण कराया जाए।
रेल सुविधाओं के विस्तार की भी मांग
ज्ञापन में जयनगर-दरभंगा रेलखंड के दोहरीकरण की मांग करते हुए कहा गया कि इस रूट पर ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में दोहरीकरण से परिचालन अधिक सुगम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या का उल्लेख करते हुए समुचित जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि बरसात में स्टेशन परिसर में पानी भर जाने से यात्रियों और वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
गरीब रथ का प्रतिदिन संचालन और ट्रेन के समय में बदलाव की मांग
युवा कांग्रेस ने जयनगर से चलने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन करने की मांग की है, ताकि यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके। इसके अलावा जयनगर-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन संख्या 72210 के प्रस्थान समय में बदलाव कर इसे रात 10:00 बजे संचालित करने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को सुविधा होगी।
प्लेटफॉर्म सुविधाओं में सुधार की मांग
ज्ञापन में प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को बहाल एवं सुदृढ़ करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि स्टेशन पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाना चाहिए।
प्रदेश महासचिव अनुरंजन कुमार सिंह ने कहा कि जयनगर रेलवे स्टेशन केवल मधुबनी जिले ही नहीं, बल्कि भारत-नेपाल सीमा के लाखों लोगों की जीवनरेखा है। ऐसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से जनहित को प्राथमिकता देते हुए ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय जनता, किसानों और यात्रियों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
