Wednesday, May 27, 2026
No menu items!
Homeबिहारमधुबनी में वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा, किसानों ने मंगवाया जयंती रोहू...

मधुबनी में वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा, किसानों ने मंगवाया जयंती रोहू और अमृत कतला का उन्नत स्पॉन

मधुबनी, 27 मई 2026:

मधुबनी जिले में वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मत्स्य उत्पादन बढ़ाने एवं मत्स्य किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिले के 5 चयनित किसानों ने अपनी निजी पूंजी लगाकर जयंती रोहू एवं अमृत कतला का उन्नत स्पॉन मंगवाया है। यह पहल मत्स्य निदेशालय, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार, BAIP (बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम) तथा PRADAN संस्था के संयुक्त सहयोग से की गई है।

BAIP कार्यक्रम को गेट्स फाउंडेशन से वित्तीय सहयोग प्राप्त है। वहीं ICAR-CIFA के अधिकृत मल्टीप्लायर के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला उन्नत स्पॉन उपलब्ध कराया गया। PRADAN संस्था द्वारा किसानों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन से संबंधित तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

उन्नत प्रजातियों से बढ़ेगा उत्पादन

जयंती रोहू एवं अमृत कतला ऐसी उन्नत मत्स्य प्रजातियां हैं, जिन्हें वैज्ञानिक चयन प्रजनन तकनीक के माध्यम से विकसित किया गया है। इनकी वृद्धि दर सामान्य प्रजातियों की तुलना में अधिक तेज मानी जाती है। इससे किसानों को कम समय में अधिक उत्पादन प्राप्त होगा तथा उनकी आमदनी में बढ़ोतरी की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार इन प्रजातियों के उपयोग से जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलेगी और मत्स्य पालन को व्यवसायिक स्तर पर विकसित करने में सहायता मिलेगी।

किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील
जिला मत्स्य पदाधिकारी श्री अंजनी कुमार ने कहा कि राज्य सरकार एवं मत्स्य विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रहे हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर मत्स्य पालन को व्यवसायिक स्वरूप देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विभाग किसानों को हर संभव तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।

आत्मनिर्भरता और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
BAIP टीम के विवेक प्रियदर्शी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में उन्नत मत्स्य प्रजातियों का विस्तार करना तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अधिक लाभ कमा सकें।

कार्यक्रम से जुड़े किसानों ने भी इस पहल पर खुशी जताई। किसानों का कहना है कि उन्नत स्पॉन मिलने से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आय में सकारात्मक बदलाव आएगा। किसानों ने मत्स्य विभाग, BAIP एवं PRADAN संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

इस अवसर पर सौम्या श्री, सुनील कुमार सहनी एवं सौरव कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

अभी अभी

लोकप्रिय खबर