मधुबनी | 19 मार्च 2026
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से की, जिसमें विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ वितरण प्रक्रिया की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर और बिना किसी बाधा के खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
नियमित निरीक्षण और जवाबदेही पर जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राशन दुकानों का निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर परिणामकारी होना चाहिए। सभी अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप नियमित निरीक्षण करने और उसकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया। साथ ही, साप्ताहिक जांच के दौरान पंचायत स्तर पर जाकर ग्रामीणों से सीधे फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए गए।
निगरानी समितियों की सक्रियता जरूरी
अनुमंडल, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर अनुश्रवण, सतर्कता एवं निगरानी समितियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
राशन कार्ड और अन्य योजनाओं की समीक्षा
बैठक में नए राशन कार्ड निर्गमन, ऑफलाइन एवं ऑनलाइन आवेदन, आधार सीडिंग, आरटीपीएस प्रतिवेदन, प्रवासी मजदूरों से जुड़े आंकड़े, निरीक्षण रिपोर्ट, न्यायालय संबंधित मामले तथा विभिन्न शिकायत पोर्टलों (CPGRAM, मानवाधिकार, लोक शिकायत आदि) की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों को निर्धारित समयसीमा में निष्पादित करने का निर्देश दिया।
आयुष्मान कार्ड के लिए विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी राशन कार्डधारियों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। इसके लिए माह के अंतिम सप्ताह में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पीडीएस डीलरों का सहयोग लिया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी करेंगे।
बैठक में शामिल अधिकारी
बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी दीपक कुमार सहित सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समाहरणालय से जुड़े रहे, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
निष्कर्ष:
बैठक में लिए गए निर्णयों से साफ है कि जिला प्रशासन खाद्यान्न वितरण प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए सख्त कदम उठा रहा है, जिससे जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सही समय पर पहुंच सके।
