रीजनल सेकेंडरी स्कूल में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों को बताया गया- गलत व्यवहार पर चुप न रहें, खुलकर उठाएं आवाज
मधुबनी। बच्चों के साथ होने वाले शोषण और अपराधों को रोकने के लिए मधुबनी में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। शुक्रवार को स्थानीय रीजनल सेकेंडरी स्कूल के सभागार में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के न्यायिक अधिकारियों से लेकर शिक्षा, पुलिस और बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षा, अधिकार और कानून की जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो न्यायाधीश नीरज कुमार त्यागी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सचिन कुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय कुमार पाण्डेय सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
गलत व्यवहार पर चुप न रहें बच्चे: पॉक्सो न्यायाधीश
कार्यक्रम में पॉक्सो न्यायाधीश नीरज कुमार त्यागी ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया। उन्होंने बच्चों को स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी तरह के गलत व्यवहार या शोषण को चुपचाप सहन नहीं करें। ऐसी स्थिति में बिना डर अपने माता-पिता, शिक्षकों या भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
वहीं, जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय ने बच्चों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी परेशानी में बच्चों को अपने माता-पिता और शिक्षक-शिक्षिकाओं से सलाह लेनी चाहिए।
साइबर अपराध से लेकर पॉक्सो कानून तक की मिली जानकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय कुमार पाण्डेय ने बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सुरक्षित वातावरण को जरूरी बताया। DLSA के सचिव सचिन कुमार ने पॉक्सो एक्ट के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता लेने की अपील की।
सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई नितीश पाठक ने बाल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं को समझाया, जबकि साइबर इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने साइबर अपराध और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक किया। पैनल अधिवक्ता रेणु मिश्र ने कानूनी पहलुओं की जानकारी दी।
ग्राम विकास युवा ट्रस्ट के प्रबंध निदेशक नरेन्द्र कुमार सिंह ने बाल सुरक्षा की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। विद्यालय के निदेशक डॉ. राम श्रृंगार पाण्डेय ने बच्चों को सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी। प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा ने सही रास्ते पर चलने और कानूनी प्रावधानों का सही उपयोग करने की बात कही। वहीं, शैक्षणिक निदेशक प्रत्यूष परिमल ने अनजान लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन DLSA के सुशांत चक्रवर्ती ने किया। उन्होंने स्लाइड्स के माध्यम से बच्चों को जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
इस अवसर पर पवन तिवारी, राजीव कुमार, अमित शाही, राधा मोहन झा, सुमित चौधरी, श्वेता, शैलेन्द्र पाण्डेय, सीताराम यादव, दीपक कुमार, रविन्द्र झा, रमेश कुमार, सरोज कुमार, शैलेन्द्र मोहन झा सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
विद्यालय प्रशासन ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
