मधुबनी/बाबूबरही। मधुबनी के बाबूबरही प्रखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की परेशानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। छौरही गांव में विद्यालय जाने वाला रास्ता बंद होने के आरोप के बाद विवाद गहराता जा रहा है। अब ग्रामीणों ने सीधे जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर बच्चों के लिए स्कूल का रास्ता खुलवाने की अपील की है।
छौरही गांव में राजकीय मध्य विद्यालय, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इन विद्यालयों तक पहुंचने के लिए पहले से रास्ता मौजूद था और इसी रास्ते से छात्र-छात्राएं व शिक्षक स्कूल आते-जाते थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के पास चहारदीवारी का निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया गया, जिसके कारण बच्चों और शिक्षकों को विद्यालय आने-जाने में परेशानी हो रही है।
मंदिर और स्कूल के बीच रास्ते को लेकर विवाद
ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यालय के पास एक मंदिर भी स्थित है। उनका कहना है कि पहले मंदिर और विद्यालय के बीच आने-जाने को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए रास्ते को लेकर व्यवस्था बनी हुई थी।
लेकिन अब रास्ते को लेकर विवाद सामने आने के बाद ग्रामीण प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
18 सितंबर को शांति समिति, 26 सितंबर को ग्राम कचहरी की पहल
मामले को सुलझाने के लिए 18 सितंबर को शांति समिति के सदस्यों ने संबंधित लोगों से बातचीत कर रास्ता खोलने की अपील की। इसके बाद 26 सितंबर को सरपंच ग्राम कचहरी छौरही की ओर से बैठक और स्थल निरीक्षण भी किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद अभी तक रास्ते का विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
अब DM से सीधी अपील—बच्चों के लिए रास्ता खुलवाइए
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चहारदीवारी निर्माण से जुड़े मामले की जांच करने और विद्यालय जाने वाले रास्ते को खुलवाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है और स्कूल बच्चों के भविष्य का केंद्र। दोनों के बीच विवाद नहीं, बल्कि आपसी सहमति और समाधान होना चाहिए।
अब ग्रामीणों की नजर मधुबनी के जिलाधिकारी की पहल पर है।
बड़ा सवाल यही है—अगर स्कूल जाने का रास्ता ही विवाद में फंस जाए, तो बच्चे स्कूल कैसे पहुंचेंगे? क्या DM के हस्तक्षेप के बाद छौरही के बच्चों को उनका रास्ता मिल पाएगा?
