जिला कांग्रेस ने निकाला विशाल विरोध मार्च, कलेक्ट्रेट तक पहुंचकर जताया विरोध; CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की उठी मांग
मधुबनी। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को मधुबनी में जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर मधुबनी जिला कांग्रेस की पूर्वी और पश्चिमी इकाइयों ने संयुक्त रूप से विशाल विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग की।
जिला कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक निकला मार्च
कांग्रेस का विरोध मार्च दोपहर में जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ और शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर शामिल हुए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जताई।
मार्च का संयुक्त नेतृत्व मधुबनी पूर्वी कांग्रेस जिलाध्यक्ष नलिनी रंजन झा और पश्चिमी कांग्रेस जिलाध्यक्षा मीना देवी कुशवाहा ने किया। दोनों नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और चुनाव आयोग से मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग रखी।
‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के आरोप को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम निर्धारित प्रक्रिया और पर्याप्त अवसर के बिना प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित संदिग्ध बदलावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मतदाता सूची तैयार करने तथा उसमें संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस ने उठाई मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और पद से बर्खास्तगी की मांग उठाई। साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान मतदाता सूचियों में किए गए कथित संदिग्ध बदलावों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई।
कांग्रेस नेता कृष्ण कांत झा ‘गुड्डू’ ने भी हाल में मधुबनी में चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए CEC के इस्तीफे की मांग की थी। उनके मुताबिक, मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
विरोध मार्च में कांग्रेस के कई प्रमुख स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा, टेकनाथ पाठक, गोपाल दास महंत, सत्येंद्र पासवान, मुकेश कुमार साह, इंजीनियर परमेश्वर मेहरा और पंकज कुमार फौजी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल पार्टी का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को सामने रखने का प्रयास है।
SIR और मतदाता सूची पर पहले से गरम है माहौल
मधुबनी समेत बिहार में मतदाता सूची और Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज रही है। कांग्रेस लगातार मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग स्तर पर अपना पक्ष रखा गया है। इसलिए मतदाता सूची से जुड़े आरोपों और उनके आधिकारिक जवाब को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है। हाल की रिपोर्टिंग में भी SIR और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के सवाल तथा आयोग की ओर से निर्णयों को सामूहिक प्रक्रिया का हिस्सा बताए जाने की बात सामने आई है।
मधुबनी में लगातार तेज हो रही राजनीतिक गतिविधियां
मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने मधुबनी की स्थानीय राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। इससे पहले जिले में कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
अब एक बार फिर जिला कांग्रेस की पूर्वी और पश्चिमी इकाइयों के संयुक्त प्रदर्शन ने इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर जोरदार तरीके से उठाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता को अपने मताधिकार को लेकर किसी तरह की आशंका नहीं होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता आवश्यक है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
मतदाता सूची में कथित संदिग्ध बदलावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच।
पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता।
SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा उठाई गई कार्रवाई की मांग।
चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग।
हिंदुस्तानी मीडिया की रिपोर्ट: मधुबनी में कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब मतदाता सूची, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है। प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखने का प्रयास किया।
