मधुबनी, 17 जुलाई 2026।
मधुबनी जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से दैनिक समीक्षा बैठक की। बैठक में 24 मार्च 2026 से 17 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान की प्रखंडवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने अभियान को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश देते हुए कहा कि संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में एक्स-रे जांच, अपफ्रंट NAAT टेस्ट, डिफरेंशियल टीबी केयर, टीपीटी केयर, निक्षय मित्र पहल, निक्षय पोषण योजना तथा उपचाराधीन मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर जांच या उपचार में लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की अनिवार्य रूप से NAAT जांच कराई जाए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 17 जुलाई 2026 को अपफ्रंट NAAT टेस्ट का लक्ष्य 248 निर्धारित था, जबकि 309 जांच पूरी की गई, जो लक्ष्य का लगभग 125 प्रतिशत है। इसी दिन 449 चेस्ट एक्स-रे का लक्ष्य था, जिसके विरुद्ध 107 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। जांच के दौरान 16 लोगों में टीबी के लक्षण पाए गए, जिन्हें आगे की चिकित्सीय प्रक्रिया से जोड़ा गया।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि एक ही दिन में 27 नए निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया तथा 35 टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संभावित मरीजों की पहचान के उद्देश्य से 541 लोगों से संपर्क किया गया तथा 186 घरों में जाकर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता अभियान चलाया गया।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार द्वारा निर्धारित टीबी उन्मूलन लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पात्र मरीजों को समय पर जांच और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा निक्षय पोर्टल पर सभी मामलों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से निक्षय पोषण योजना का लाभ प्रत्येक टीबी मरीज तक पहुंचाने के लिए लाभार्थियों की पे-आईडी (Pay ID) बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि आर्थिक सहायता समय पर सीधे मरीजों के खाते तक पहुंच सके।
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका एवं अन्य क्षेत्रीय कर्मियों के समन्वय से घर-घर टीबी स्क्रीनिंग अभियान को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) को जिला युवा पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि कोई भी संभावित टीबी मरीज जांच और उपचार से वंचित न रह जाए।
बैठक में सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को अभियान की प्रतिदिन निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
