खजौली, 16 मई 2026। मधुबनी जिले के खजौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार को डेंगू दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतींद्र नारायण ने किया। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों को डेंगू के कारण, लक्षण एवं बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतींद्र नारायण ने बताया कि डेंगू मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। यह मच्छर दिन के समय काटता है और साफ पानी में पनपता है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर एवं जोड़ों में दर्द तथा त्वचा पर चकत्ते डेंगू के मुख्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और उपचार कराना चाहिए।
लैब टेक्नीशियन मोहम्मद इस्मतुल्लाह गुलाब ने बताया कि एलाइजा जांच के माध्यम से डेंगू की पुष्टि की जाती है। उन्होंने कहा कि प्लेटलेट्स कम होने पर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज और पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। साथ ही घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
बीएचआई प्रदीप कुमार ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि कूलर, गमले और पानी की टंकियों का पानी सप्ताह में कम-से-कम एक बार जरूर बदलें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें। वहीं डॉ. शाहिद इकबाल ने अपील की कि डेंगू के लक्षण दिखते ही सरकारी अस्पताल में जाकर जांच अवश्य कराएं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने डेंगू के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और अपने आसपास के क्षेत्र को मच्छर मुक्त रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर डॉ. गणेश शंकर विद्यार्थी, लैब टेक्नीशियन राघवेंद्र कुमार, जीएनएम ज्योतिका कुमारी, अमरनाथ पंडित, विनोद राम, डाटा ऑपरेटर बबलू, बीएमई राजन कुमार, एएनएम पूजा, अभिलाष सहित दर्जनों स्वास्थ्यकर्मी एवं मरीज मौजूद रहे।
