Friday, May 15, 2026
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेश की अनोखी मिसाल, पैदल चलकर पहुंचे मुख्यमंत्री सचिवालय

 

No Vehicle Day” को जनआंदोलन बनाने की पहल, बोले — ईंधन बचाना आज देश की जरूरत

पटना, 15 मई 2026:

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और सादगीपूर्ण जीवनशैली को लेकर एक मजबूत संदेश दिया। मुख्यमंत्री आज सुबह अपने सरकारी आवास 1 अणे मार्ग से पैदल चलकर मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे। बिना किसी सरकारी वाहन का उपयोग किए कार्यालय पहुंचकर उन्होंने “No Vehicle Day” अभियान को केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि व्यवहार में उतारने का उदाहरण पेश किया।

मुख्यमंत्री का यह कदम राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्तमान समय में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत, प्रदूषण और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यदि समाज छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए, तो उसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण बचाने और ईंधन की बचत को लेकर लोगों को जागरूक करते रहे हैं। प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप बिहार सरकार भी राज्य में “No Vehicle Day” को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल भाषण देने से बदलाव नहीं आता, बल्कि नेतृत्व को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना पड़ता है। इसी सोच के साथ उन्होंने आज पैदल चलकर अपने कार्यालय पहुंचने का निर्णय लिया।

उन्होंने मंत्रियों, अधिकारियों, सरकारी कर्मियों तथा आम नागरिकों से सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों का उपयोग नहीं करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग पैदल चलने, साइकिल चलाने तथा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। इससे पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, वायु प्रदूषण कम होगा और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से संयमित जीवनशैली अपनाने की अपील करते हुए कहा कि “ईंधन बचाना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।” उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति सप्ताह में एक दिन भी वाहन का उपयोग कम कर दे, तो लाखों लीटर ईंधन की बचत संभव है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार बिहार सरकार अब इस अभियान को व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम से जोड़ने की तैयारी कर रही है। स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और युवा समूहों को भी इससे जोड़ने की योजना बनाई जा रही है ताकि “No Vehicle Day” को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

मुख्यमंत्री की इस पहल को लोगों ने सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी सादगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना कर रहे हैं। 

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह संदेश दिया जा रहा है कि जब नेतृत्व खुद बदलाव की शुरुआत करता है, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।

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