बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन मिथिलांचल के लिए बेहद खास रहा। झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता Nitish Mishra ने बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
नीतीश मिश्रा के मंत्री बनने की खबर मिलते ही मधुबनी जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। झंझारपुर, मधुबनी, लखनौर, अंधराठाढ़ी और आसपास के इलाकों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी, आतिशबाजी की और जमकर जश्न मनाया। कई जगहों पर ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थकों ने “मिथिला का गौरव” और “नीतीश मिश्रा जिंदाबाद” के नारे लगाए।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय बाद मिथिलांचल को सरकार में इतनी मजबूत भागीदारी मिली है। स्थानीय नेताओं का मानना है कि नीतीश मिश्रा के मंत्री बनने से मधुबनी जिले की सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और उद्योग से जुड़ी योजनाओं को नई गति मिलेगी। समर्थकों का कहना है कि वे जमीन से जुड़े नेता हैं और क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर तरीके से सरकार तक पहुंचाते रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी नीतीश मिश्रा की वापसी को काफी अहम माना जा रहा है। वे बिहार की राजनीति के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन, समाज कल्याण, पर्यटन और उद्योग विभाग में उनके काम की चर्चा बिहार भर में होती रही है।
नीतीश मिश्रा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र हैं। वे लंबे समय से मिथिलांचल की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। 2025 विधानसभा चुनाव में उन्होंने झंझारपुर सीट से शानदार जीत दर्ज की थी और भाजपा नेतृत्व का उन पर लगातार भरोसा बना हुआ है।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद सोशल मीडिया पर भी समर्थकों ने उन्हें बधाइयां दीं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर उनके समर्थकों ने पोस्टर और वीडियो शेयर कर खुशी जाहिर की। कई भाजपा नेताओं ने इसे मिथिलांचल के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में नए सत्ता समीकरण बनने के बाद भाजपा अब मिथिलांचल में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। ऐसे में नीतीश मिश्रा को मंत्री बनाना राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से बड़ा संदेश माना जा रहा है।
