मधुबनी, 02 मई 2026।
भारत की आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत आज से मधुबनी जिले में हो गई है। यह चरण 02 मई से 31 मई 2026 तक चलेगा और इसे “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” कहा जाता है। इस दौरान सरकारी प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से आवश्यक जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
इस प्रक्रिया में परिवार के सदस्यों की संख्या, मकान की स्थिति, पेयजल, बिजली, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं तथा घरेलू संसाधनों से संबंधित लगभग 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इस बार जनगणना को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल रूप दिया गया है। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा दर्ज कर रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनेगी।
सरकार द्वारा नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी दी गई थी, जो अप्रैल के मध्य से 1 मई 2026 तक उपलब्ध रही। इस सुविधा के तहत लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते थे।
गोपनीयता और सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान ली गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
साथ ही नागरिकों को यह भी सचेत किया गया है कि:
प्रगणक किसी भी प्रकार का दस्तावेज (जैसे आधार, बैंक विवरण या संपत्ति कागजात) नहीं मांगेंगे।
न कोई पैसा लिया जाएगा, न OTP मांगा जाएगा, न ही किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाएगा।
किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या संदेह की स्थिति में नागरिक 1855 टॉल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जब प्रगणक उनके घर आएं तो उन्हें उचित सहयोग दें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिससे देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता है और भविष्य की योजनाएं बनाई जाती हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या सहयोग न करना कानूनन दंडनीय है।
अतिरिक्त सूचना (जिला प्रशासन)
