मधुबनी:
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। 19 मई से पंचायत स्तर पर नियमित रूप से ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर ही सुनना और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान करना हैl
इस नई व्यवस्था के तहत हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी पंचायतों में ये शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो लोगों की शिकायतों को मौके पर दर्ज करेंगे और उनके निस्तारण की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
प्रशासन के अनुसार, शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। इससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
किन समस्याओं का होगा समाधान?
इन सहयोग शिविरों में जमीन विवाद, पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना, मनरेगा, बिजली-पानी, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं समेत अन्य जनहित से जुड़ी समस्याओं पर सुनवाई की जाएगी।
प्रशासन की मंशा:
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। पंचायत स्तर पर ही समस्याओं के समाधान से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
जनता को क्या होगा फायदा?
समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान
समयबद्ध (30 दिन) निस्तारण
विभागों के बीच बेहतर समन्वय
पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था
अपील:
प्रशासन ने सभी पंचायतवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज कराएं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द समाधान मिल सके।
