मधुबनी | 18 अप्रैल 2026
मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के सार्वजनिक तालाबों को अतिक्रमणमुक्त करने और उनके सौंदर्यीकरण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी सार्वजनिक तालाबों का शीघ्र स्थल निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराना, उनकी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना और आकर्षक ढंग से उनका सौंदर्यीकरण करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बड़े तालाबों के लिए बनेगा विशेष प्लान
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े तालाबों को चिन्हित कर उनके लिए जल्द से जल्द डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार की जाए और संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जाए। इससे इन जल स्रोतों का समयबद्ध और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मच्छर नियंत्रण के लिए गैम्बुसिया मछली
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के बाद उनमें गैम्बुसिया मछलियां डाली जाएंगी। यह मछलियां मच्छरों के लार्वा को खाकर डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलाव को रोकने में मदद करती हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे शहर में मच्छरों के प्रकोप पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती, उप निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) नितेश पाठक, जिला सहकारिता पदाधिकारी सुदर्शन कुमार, मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
निष्कर्ष:
मधुबनी में तालाबों के संरक्षण और विकास को लेकर प्रशासन अब सक्रिय मोड में है। अतिक्रमण हटाने से लेकर सौंदर्यीकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा तक—यह पहल शहर के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
