पटना/किशनगंज | विशेष संवाददाता
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगंज जिले के एक थाना प्रभारी (SHO) के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है, जिसमें अब तक करीब 1.70 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का मामला सामने आया है।
कोर्ट से वारंट के बाद एक्शन
सूत्रों के अनुसार, SHO के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद EOU ने प्रारंभिक जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर विशेष अदालत से सर्च वारंट लिया गया, जिसके बाद मंगलवार सुबह तड़के टीम ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की।
पटना-छपरा समेत 5 जगहों पर रेड
EOU की अलग-अलग टीमों ने एक साथ 5 ठिकानों पर दबिश दी। जिन स्थानों पर कार्रवाई हुई, उनमें शामिल हैं:
पटना में आवास और संबंधित संपत्तियां
छपरा में पैतृक घर
किशनगंज में तैनाती स्थल और अन्य लिंक्ड लोकेशन
अन्य संदिग्ध निवेश से जुड़े ठिकाने
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने घरों, अलमारियों और डिजिटल डिवाइस तक की गहन तलाशी ली।
बैंक खाते, निवेश और संपत्तियों की जांच
EOU की टीम ने मौके से कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
बैंक पासबुक और अकाउंट डिटेल
जमीन और फ्लैट से जुड़े कागजात
नकद राशि और कीमती सामान
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (लैपटॉप, मोबाइल)
इन सभी की जांच के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि अवैध संपत्ति का नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका हो सकती है।
आय से 1.70 करोड़ अधिक संपत्ति का आरोप
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि SHO ने अपनी वैध आय से करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की है। हालांकि, अंतिम आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद और भी बढ़ सकता है।
DSP मामले के बाद बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार
गौरतलब है कि इससे पहले किशनगंज के एक DSP के खिलाफ भी EOU ने बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति, कई प्लॉट और आलीशान मकान का खुलासा हुआ था।
अब SHO पर कार्रवाई से यह साफ संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसियां पुलिस विभाग के भीतर भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपना रही हैं।
⚖️ आगे क्या होगी कार्रवाई?
EOU सूत्रों के अनुसार:
जब्त दस्तावेजों का फॉरेंसिक और वित्तीय विश्लेषण किया जाएगा
आय और संपत्ति का विस्तृत मिलान होगा
जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी से पूछताछ की जाएगी
आरोप सही पाए जाने पर गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है
सरकार का सख्त संदेश
लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
EOU की यह छापेमारी न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि अन्य सरकारी अधिकारियों के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
