मधुबनी | 27 फरवरी 20
रमज़ान माह के दौरान कॉलेज परिसर में लड़का-लड़की के साथ खड़े होने पर “तत्काल निकाह” कराने से जुड़ा एक कथित सर्कुलर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। पत्र संख्या 7359/2026, दिनांक 25/02/2026 अंकित इस दस्तावेज़ में दावा किया गया था कि यदि कोई कपल साथ खड़ा पाया गया तो उसका निकाह करवा दिया जाएगा और उल्लंघन की स्थिति में वलीमा की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
जांच में यह पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया है।
एमडी का विस्तृत बयान
आज आयोजित प्रेस वार्ता में Madhubani Medical College के मैनेजिंग डायरेक्टर Tausif Ahmad ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“कॉलेज प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। यह पूरी तरह से मनगढ़ंत, भ्रामक और संस्थान को बदनाम करने की साजिश है। हम इसकी उच्चस्तरीय जांच करवा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे।”
एमडी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इसी प्रकार की अफवाहें देश के अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के नाम से भी फैलाई गई हैं, ताकि भ्रम और सामाजिक तनाव पैदा किया जा सके।
अन्य संस्थानों के नाम से भी फैली अफवाह
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान पाया गया कि इसी तरह की एडिटेड और फर्जी सर्कुलर की प्रतियां अन्य बड़े संस्थानों के नाम से भी प्रसारित की गईं। जिन संस्थानों का नाम कथित रूप से जोड़ा गया है।
हालांकि इन संस्थानों की ओर से भी ऐसे किसी आदेश की पुष्टि नहीं हुई है। जानकारों का मानना है कि यह एक संगठित तरीके से की गई शरारत हो सकती है, जिसमें संस्थानों की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
प्रशासन की कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने तुरंत पत्र संख्या 7414/2026 जारी कर मामले को फर्जी बताया और निम्नलिखित अधिकारियों को सूचित किया:
पुलिस अधीक्षक
संबंधित थाना प्रभारी
साइबर थाना
साइबर पुलिस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल मूल स्रोत की पहचान करने का निर्देश दिया गया है।
⚖️ कानूनी कार्रवाई की तैयारी
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान होते ही आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एमडी ने छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी सूचना को बिना आधिकारिक पुष्टि के साझा न करें।
निष्कर्ष
Madhubani Medical College के नाम से वायरल निकाह संबंधी सर्कुलर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। प्रेस वार्ता में एमडी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मामले की जांच जारी है और साइबर पुलिस सक्रिय है।
संस्थान ने दो टूक कहा है —
“अफवाह फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
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