मधुबनी | संवाददाता
रिजिनल सेकेंडरी स्कूल मे सुधीर मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित “स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रमोशन एंड टीचर एसोसिएशन” कार्यक्रम ने शिक्षा जगत में एक सकारात्मक संदेश दिया। प्रतिभा परीक्षा के माध्यम से जहां सैकड़ों छात्रों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला, वहीं शिक्षकों को सम्मानित कर उनके योगदान को भी सराहा गया।

बड़ी भागीदारी, शानदार प्रदर्शन
इस प्रतियोगी परीक्षा में करीब 800 छात्रों ने हिस्सा लिया। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 104 छात्रों को सम्मानित किया गया। आयोजकों के अनुसार, छात्रों की गुणवत्ता को देखते हुए पुरस्कार पाने वालों की संख्या बढ़ानी पड़ी।

“प्रतिभा को पहचानना ही असली शिक्षा”
आयोजन का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा लेना नहीं, बल्कि बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना था। कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए आयोजित इस
परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय शामिल थे।
शिक्षक ही हैं समाज की रीढ़
कार्यक्रम में शहर के कोचिंग संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और संचालकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट कहा कि
“अगर शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए ईमानदारी से काम करें, तो वही समाज को मजबूत बना सकते हैं।”
प्रो. राउत की खास टिप्पणी
कार्यक्रम में मौजूद रिटायर्ड प्रोफेसर कुमारजी रावत ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि
“ऐसे आयोजन छात्रों और शिक्षकों के बीच एक मजबूत सेतु बनाते हैं।” उन्होंने डॉ राम श्रृंगार पांडे (रीजनल सेकेंडरी स्कूल के डायरेक्टर) के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि
“वे लगातार शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनाने का काम कर रहे हैं, जो बेहद जरूरी है।”
⚠️ शिक्षा व्यवस्था पर चिंता भी जताई
प्रो. रावत ने कहा कि बदलते समय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
“सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं रहा जा सकता, शिक्षकों को खुद भी जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा।”
छात्रों के लिए संदेश: “ये अंत नहीं, शुरुआत है”
कार्यक्रम में छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा गया कि
सफलता को अंतिम मंजिल न समझें
असफल छात्र निराश न हों
अगली बार और बेहतर तैयारी के साथ आएं
