नूरचक में शुरू हुई छमाही परीक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता के साथ परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राएं
मधुबनी/बिस्फी। बेटियों की शिक्षा और दीनियात के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले जामिया आयशा सिद्दीका व इदारह दारुलकुरआन, नूरचक, बिस्फी में बुधवार, 9 सितंबर 2026 से छमाही परीक्षा का विधिवत शुभारंभ हो गया। परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह के साथ गंभीरता भी देखने को मिली। निर्धारित समय पर परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पहुंचे और शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की निगरानी में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित माहौल में परीक्षा दी।
पारदर्शिता और अनुशासन पर विशेष जोर
परीक्षा के सफल संचालन के लिए संस्थान की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की गई है, ताकि सभी परीक्षार्थियों को बिना किसी दबाव के समान एवं बेहतर वातावरण मिल सके। परीक्षा के दौरान पारदर्शिता, अनुशासन और निर्धारित नियमों का विशेष रूप से पालन कराया जा रहा है।
नاظिम-ए-इम्तिहान मौलाना इरशाद अहमद कासमी ने बताया कि छमाही परीक्षा विद्यार्थियों की पिछले छह महीने की शैक्षणिक मेहनत और प्रगति का मूल्यांकन करने का महत्वपूर्ण अवसर है। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता का आकलन करने के साथ उनकी कमियों को भी चिन्हित किया जाता है, ताकि समय रहते उनमें सुधार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि परीक्षा विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का आकलन करने और आगामी शैक्षणिक चरण के लिए और बेहतर तैयारी करने का अवसर भी प्रदान करती है।
“सिर्फ अच्छे अंक नहीं, बेहतर इंसान बनाना है उद्देश्य”
जामिया के संस्थापक एवं नاظिम मौलाना व मुफ्ती मुहम्मद हसनैन कासमी ने अपने संदेश में कहा कि जामिया आयशा सिद्दीका का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, नैतिकता, अदब और दीन की समझ से सुसज्जित करना है।
उन्होंने कहा कि बेटियां समाज की अनमोल पूंजी हैं। उनकी बेहतर शिक्षा और संस्कार एक मजबूत, सभ्य और सम्मानजनक समाज की नींव रखते हैं। परीक्षा विद्यार्थियों की योग्यता को परखने के साथ-साथ उनमें मेहनत, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और समय की पाबंदी जैसी महत्वपूर्ण खूबियां विकसित करने का भी माध्यम है।
उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छमाही परीक्षा के बाद छात्र-छात्राएं अपनी उपलब्धियों और कमियों का मूल्यांकन करें तथा आगे और अधिक मेहनत एवं लगन के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें।
14 सितंबर तक चलेगी परीक्षा
संस्थान की ओर से बताया गया कि छमाही परीक्षा 14 सितंबर 2026, सोमवार तक जारी रहेगी। संस्थान ने उम्मीद जताई कि यह परीक्षा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ उनके व्यक्तित्व, चरित्र और व्यवहार को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दुआ है कि यह परीक्षा सभी छात्र-छात्राओं के लिए सफलता का माध्यम बने और उन्हें ज्ञान व अमल के साथ एक बेहतर एवं संस्कारवान इंसान बनने की राह दिखाए।
