मधुबनी: श्रावणी मेले की पहली सोमवारी को लेकर मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी अब 250 CCTV कैमरों और 5 पुलिस नियंत्रण कक्षों के माध्यम से की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
इसी कड़ी में मधुबनी के वरीय पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार और ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ ने भैरबा धाम, बलहा घाट और कोकिल चौक का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग, स्नान घाट, मेला क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
महिलाओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए बलहा घाट पर अलग चेंजिंग रूम बनाने का निर्देश दिया गया। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कोकिल चौक पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए PHED के जूनियर इंजीनियर को एक अतिरिक्त पानी का टैंकर उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस नियंत्रण कक्ष, वॉच टावर और निगरानी व्यवस्था की भी जांच की गई। इसके बाद बिस्फी थाना परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में पहली सोमवारी की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
इस मौके पर SSP योगेन्द्र कुमार ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में लगभग 250 CCTV कैमरे लगाए गए हैं और 5 पुलिस नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। सभी पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और जलाभिषेक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए।
भैरबा मंदिर परिसर में मंदिर समिति और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर प्रशासन ने सभी से सहयोग की अपील भी की। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और आम जनता के सहयोग से ही श्रावणी मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाया जा सकता है।
बैठक में एसडीओ सारंग पाणि पांडेय, डीएसपी अमित कुमार, बीडीओ बसंत कुमार सिंह, सीओ संतोष कुमार सिंह सहित बिस्फी, औंसी, पतौना समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों के थानाध्यक्ष और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
