दरभंगा: फैज अहमद को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार शाम दरभंगा में हजारों लोगों ने विशाल कैंडल मार्च निकाला। शाम करीब 6 बजे फैज के आवास, पुरानी मुंसिफी स्थित मौलागंज, नाका नंबर-5, मिर्जापुर से शुरू हुआ यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए दरभंगा टावर पहुंचा, जहां यह एक जनसभा में तब्दील हो गया। कैंडल मार्च में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और फैज के लिए इंसाफ की मांग उठाई।
जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाए तथा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच हो। वक्ताओं ने आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) सार्वजनिक करने, घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज जारी करने और उनकी फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) से जांच कराने की भी मांग रखी।
सभा को संबोधित करने वालों में ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम, जमाल हसन, सिबगतुल्लाह उर्फ डब्बू खान, इम्तियाज नूरानी, तमन्ने मुखिया, इमामुल हक, हबीब असगर, हाफिज नसीर, पार्षद फिरोज, शाहिद रब, श्याम भारती, शरद कुमार सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनकी भी तत्काल गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत कर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की गई।
कैंडल मार्च के दौरान “फैज को इंसाफ दो” के नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि न्याय में देरी, न्याय से इनकार के समान है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर निष्पक्ष जांच और न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सभा के अंत में लोगों ने दरभंगा पुलिस और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि मामले को दबाने या ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया गया तो न्याय की मांग को लेकर इससे भी बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
