बाबूबरही में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान हुआ हादसा, बाल-बाल बचे चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी
मधुबनी। जिले के बाबूबरही प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित टीपीसी (टाउन प्लानिंग सेंटर) भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए चिकित्सा शिविर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब डॉक्टरों के बैठने वाले कक्ष की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। घटना के समय कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी वहां मौजूद थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिकित्सक मरीजों की जांच और परामर्श देने में व्यस्त थे। इसी दौरान छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। प्लास्टर गिरते ही कमरे में धूल का गुबार फैल गया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। आसपास मौजूद कर्मियों और आम लोगों ने तत्काल डॉक्टरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
जर्जर भवन की स्थिति पर उठे सवाल
घटना के बाद सहयोग शिविर की व्यवस्था और भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भवन में सरकारी कार्यक्रम और जनकल्याणकारी शिविर आयोजित किए जाते हैं, उसकी नियमित जांच और मरम्मत नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों ने प्रशासन से भवन की तकनीकी जांच कराने और आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है।
बड़ी दुर्घटना हो सकती थी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्लास्टर कुछ मिनट पहले या बाद में गिरता, जब वहां अधिक संख्या में मरीज मौजूद रहते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना ने सरकारी भवनों की रखरखाव व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। कई लोगों ने कहा कि जनसुविधा से जुड़े कार्यक्रमों के लिए उपयोग किए जा रहे भवनों की समय-समय पर सुरक्षा जांच बेहद जरूरी है।
प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग
घटना के बाद लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे भवन की जांच कराने तथा जर्जर हिस्सों की मरम्मत करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों और अन्य सरकारी कार्यक्रमों के लिए सुरक्षित भवनों का चयन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
राहत की बात
हालांकि इस हादसे में किसी चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी या आम नागरिक के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भवनों की देखरेख में लापरवाही भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल सभी चिकित्सक सुरक्षित बताए जा रहे हैं और प्रशासन से मामले पर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
