नानपुर/सीतामढ़ी। जिले में विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। सीतामढ़ी जिले के नानपुर स्थित सीएनजी पंप पर इन दिनों गैस की भारी किल्लत ने हजारों ऑटो चालकों की जिंदगी मुश्किल में डाल दी है। हालत यह है कि कुछ किलो सीएनजी भरवाने के लिए चालकों को रात से ही लाइन लगानी पड़ रही है। सुबह 3 बजे से ही पुपरी-मुजफ्फरपुर मुख्य सड़क पर ऑटो की लंबी कतारें लग जाती हैं, जो कई बार एक किलोमीटर तक पहुंच जाती हैं।
सीएनजी संकट का असर अब सिर्फ ऑटो चालकों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम लोगों की दिनचर्या भी इससे प्रभावित हो रही है। लंबी कतारों की वजह से मुख्य सड़क पर घंटों जाम लगा रहता है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूली वाहन और दफ्तर जाने वाले लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी हो रही है।
ऑटो चालकों का कहना है कि सीएनजी की कमी ने उनकी कमर तोड़ दी है। पहले जहां एक चालक दिनभर में 800 से 1000 रुपये तक की कमाई कर लेता था, वहीं अब अधिकांश समय लाइन में गुजर जाने के कारण मुश्किल से 200 से 300 रुपये ही बच पा रहे हैं। कई चालकों ने बैंक और फाइनेंस कंपनियों से कर्ज लेकर ऑटो खरीदे थे। अब कमाई घटने से मासिक किस्त भरना भी मुश्किल हो गया है।
ऑटो चालक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हर महीने 9 से 10 हजार रुपये की किस्त जमा करनी होती है। लेकिन लगातार खराब होती स्थिति के कारण कई चालक समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। कुछ लोगों की गाड़ियां फाइनेंस कंपनियां जब्त भी कर चुकी हैं। इससे परिवार चलाने का संकट गहरा गया है।
चालकों ने पंप पर अव्यवस्था और सुविधाओं की कमी को भी बड़ी समस्या बताया। उनका कहना है कि अक्सर लो-प्रेशर की वजह से गैस भरने में काफी समय लगता है। कई बार तकनीकी खराबी और बिजली कटौती के कारण सप्लाई घंटों बाधित रहती है। तेज धूप और भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े रहने से कई चालक बीमार भी पड़ रहे हैं।
चालक अरमान राइन ने बताया कि पूरा दिन लाइन में गुजर जाता है। न समय पर खाना मिल पाता है और न ही परिवार के लिए पर्याप्त कमाई हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो हजारों परिवार आर्थिक संकट में डूब जाएंगे।
जिले में वर्तमान समय में सीएनजी स्टेशनों की संख्या बेहद कम है। बढ़ती वाहनों की संख्या के मुकाबले पर्याप्त पंप नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इसका फायदा निजी वाहन चालक उठा रहे हैं और यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
स्थानीय लोगों और ऑटो चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में नए सीएनजी स्टेशन खोले जाएं और मौजूदा पंपों की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। अब सबकी नजर प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी है कि आखिर इस गंभीर संकट का समाधान कब तक निकाला जाता है।
