मधुबनी जिले के गांधी चौक से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। एक साधारण परिवार की बेटी ने JEE परीक्षा में 82.4 ओवरऑल परसेंटाइल हासिल कर अपने पिता, अपने शिक्षक और पूरे गाँव का नाम रोशन कर दिया है।
20 साल का अनुभव, शिक्षक की दूरदर्शिता बनी सफलता की कुंजी
इस छात्रा के शिक्षक संतोष कुमार, जो पिछले 20 वर्षों से फिजिक्स पढ़ा रहे हैं, बताते हैं कि—
“बच्ची को खुद नहीं पता था कि प्लस टू के बाद कौन सा फॉर्म भरना है। उसके माता-पिता को भी जानकारी नहीं थी। मैंने जबरदस्ती उसका JEE का फॉर्म भरवाया… और आज उसने 82.4 परसेंटाइल लाकर हम सबको गर्व महसूस कराया है।”
यह छात्रा गांधी चौक स्थित एक कोचिंग संस्थान में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई कर रही है और इसी दौरान उसने JEE की तैयारी भी की।
पिता को बाद में मिली सफलता की खबर
सबसे खास बात यह रही कि छात्रा के पिता को भी शुरुआत में JEE फॉर्म की जानकारी नहीं थी। जब रिजल्ट आया और बेटी सफल हुई, तब उन्हें इस उपलब्धि का पता चला।
आज पिता अपनी बेटी और उसके शिक्षक दोनों पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
गांधी चौक कोचिंग हब के रूप में पहचान
गांधी चौक क्षेत्र पहले से ही दर्जनों कोचिंग संस्थानों के लिए जाना जाता है।
जहाँ कभी शिक्षा गुरुकुल प्रणाली में होती थी, वहीं आज के समय में कोचिंग संस्थान छात्रों के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से छोटे शहरों के बच्चे भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।
IIT एडवांस की तैयारी शुरू
यह छात्रा अब IIT एडवांस के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।
शिक्षक संतोष कुमार ने बताया कि वे यहीं बैठकर उसे एडवांस की तैयारी करवाएंगे और बेहतर परिणाम लाने का पूरा प्रयास करेंगे।
मैसेज साफ है:
अगर शिक्षक सही दिशा दिखा दे और छात्र मेहनत करे, तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह नहीं रोक सकती।
