Wednesday, February 4, 2026
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बेनीपट्टी में नीलगाय पर बड़ी कार्रवाई, 28 को किया गया शूट, वर्षों से फसल बर्बादी से जूझ रहे किसानों को मिली आंशिक राहत

मधुबनी |बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र के किसानों के लिए वर्षों से सबसे बड़ा सिरदर्द बनी नीलगाय के खिलाफ आखिरकार वन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। नीलगाय के आतंक से त्रस्त मधुबनी जिले के बेनीपट्टी वन प्रमंडल अंतर्गत अरेर थाना क्षेत्र की नवकरही पंचायत में गुरुवार को विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 28 नीलगायों को शूट कर नष्ट किया गया। हालांकि अभियान के दौरान दो से तीन नीलगाय घायल अवस्था में जंगल की ओर भागने में सफल रहीं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इसके बावजूद कार्रवाई शुरू होने से क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है।

इस विशेष अभियान का नेतृत्व बेनीपट्टी वन प्रमंडल की वनपाल स्वेता कुमारी ने किया। वन विभाग द्वारा बाहर से मंगाई गई दो सदस्यीय शूटर टीम में मुख्य शूटर आलोक कुमार सिंह और सहायक शूटर संजीव कुमार सिंह शामिल थे। शूटरों की टीम ने नवकरही पंचायत के विभिन्न बगीचों में मोर्चा संभालते हुए नीलगायों को निशाना बनाया। वन विभाग द्वारा शूट की गई नीलगायों के शवों को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर विधिवत रूप से दफना दिया गया, ताकि किसी प्रकार की स्वास्थ्य या पर्यावरण संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।

अभी भी बनी हुई है चुनौती
वन विभाग के अनुसार, नवकरही पंचायत क्षेत्र में अब भी करीब 200 नीलगाय अलग-अलग झुंडों में सक्रिय हैं। ऐसे में यह अभियान केवल शुरुआत माना जा रहा है।
वर्षों से फसल बर्बादी से परेशान किसान
दरअसल, नवकरही पंचायत के करही टोला सहित आसपास के इलाकों में नीलगाय का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। इसके अलावा ब्रह्मपुरा पंचायत के चतरा, अतरौली, नगवास, डुमरा, बिचखाना, एकतारा, चननपुरा सहित कई गांवों के किसान भी इससे प्रभावित हैं। नीलगाय झुंड में खेतों में घुसकर हजारों एकड़ में लगी फसलों को रौंदकर और खाकर बर्बाद कर देती हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि नीलगाय के कारण कोई भी फसल सुरक्षित नहीं बचती। खेत की रखवाली के तमाम उपाय विफल हो चुके हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि किसान अकेले खेत जाने से भी डरने लगे हैं, क्योंकि नीलगाय अक्सर हमला करने के लिए दौड़ पड़ती हैं।
मुखिया की पहल से शुरू हुई कार्रवाई
नीलगाय से हो रही भारी क्षति से आजिज आकर नवकरही पंचायत के किसानों ने मुखिया राम संजीवन यादव से हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद मुखिया द्वारा वन विभाग को लिखित आवेदन दिया गया, जिसके फलस्वरूप यह अभियान शुरू हो सका।

स्थायी समाधान की मांग
किसानों ने वन विभाग से नीलगाय पर पूर्ण रूप से लगाम लगाने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि बेनीपट्टी प्रखंड की करीब डेढ़ दर्जन पंचायतें नीलगाय की चपेट में हैं, जहां आए दिन फसल बर्बादी की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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